
कैंची धाम स्थापना दिवस मेले को देखते हुए 13 से 16 जून तक व्यापक यातायात और सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। भारी वाहनों पर प्रतिबंध, बसों और छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तथा दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। प्रशासन को इस बार पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके मद्देनजर 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है।
- कैंची धाम मेले में पांच लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद, प्रशासन अलर्ट
- 13 से 16 जून तक बदलेगा यातायात, यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था
- कैंची धाम रूट पर दोपहिया वाहनों की एंट्री बंद, वैकल्पिक मार्ग तय
- मेले की सुरक्षा के लिए एसएसबी, पीएसी और एटीएस की विशेष तैनाती
हल्द्वानी। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम आश्रम के स्थापना दिवस और बाबा नीब करौरी महाराज जन्मोत्सव मेले को लेकर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए 13 जून से 16 जून तक विशेष यातायात योजना लागू की गई है। इस अवधि में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जबकि भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ अर्द्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है।
प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष मेले के दौरान पांच लाख से अधिक श्रद्धालु कैंची धाम पहुंच सकते हैं। अकेले 15 जून को ढाई लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और जनसुविधाओं की विस्तृत योजना तैयार की गई है।
चार दिन भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध
कैंची धाम मार्ग पर 13 जून की सुबह छह बजे से 14 जून की रात 11 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। आवश्यक वस्तुओं जैसे राशन, फल और सब्जी लेकर जाने वाले वाहन 13 जून की रात 11 बजे से 14 जून की सुबह छह बजे तक सीमित अवधि में आवागमन कर सकेंगे। इसके बाद 16 जून की रात तक उनकी आवाजाही भी प्रभावित रहेगी। अल्मोड़ा और बागेश्वर की ओर जाने वाले भारी वाहन रामनगर, मोहान और रानीखेत मार्ग से भेजे जाएंगे, जबकि पिथौरागढ़ और चंपावत जाने वाले वाहनों को टनकपुर मार्ग का उपयोग करना होगा। वापसी के लिए भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।
रोडवेज और केमू बसों के लिए विशेष रूट
13 जून तक बसों का संचालन सामान्य रहेगा, लेकिन 14 जून दोपहर दो बजे से 16 जून दोपहर 12 बजे तक अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जाने वाली रोडवेज एवं केमू बसों को भवाली-कैंची धाम मार्ग पर प्रवेश नहीं मिलेगा। इन बसों को खुटानी बैंड से रामगढ़ और मुक्तेश्वर के रास्ते गंतव्य तक भेजा जाएगा।
छोटे वाहनों के लिए भी डायवर्जन
ज्योलीकोट, भीमताल और हल्द्वानी क्षेत्र से अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर तथा अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। कई स्थानों पर डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं ताकि कैंची धाम मार्ग पर दबाव कम किया जा सके। अल्मोड़ा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों से हल्द्वानी लौटने वाले वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना होगा। रानीखेत से आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग व्यवस्था लागू की गई है।
दोपहिया वाहनों पर भी रोक
14 जून सुबह आठ बजे से 16 जून शाम चार बजे तक कैंची धाम क्षेत्र में दोपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ऐसे वाहनों को काठगोदाम रेलवे स्टेशन, नगर निगम इंटर कॉलेज काठगोदाम, विकास भवन भीमताल और फरसौली स्थित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करना होगा।
सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था
मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की है। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), पीएसी, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को भी तैनात किया गया है। जिले की सीमाओं पर 17 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। पार्किंग स्थलों, शटल सेवा केंद्रों, मंदिर परिसर और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग भी किया जाएगा। सोशल मीडिया और साइबर सेल को अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वाहनों पर लगाए जाएंगे विशेष रूट स्टिकर
यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न गंतव्यों की ओर जाने वाले वाहनों पर अलग-अलग रंगों के स्टिकर लगाए जाएंगे। वाहन जिस मार्ग के लिए चिह्नित होगा, उसे उसी निर्धारित रूट पर जाना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन सीज किए जाने की चेतावनी दी गई है।
आधी रात तक खुले रहेंगे बाजार
कैंची धाम मेले, पर्यटन सीजन और ग्रीष्मकालीन अवकाश को देखते हुए 11 जून से 16 जून तक नैनीताल, हल्द्वानी, काठगोदाम, भवाली, भीमताल और रामनगर सहित प्रमुख क्षेत्रों के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को मध्यरात्रि तक खुले रखने की अनुमति दी गई है। मेडिकल स्टोर, भोजनालय, आवश्यक वस्तुओं की दुकानें और अन्य सेवाएं देर रात तक उपलब्ध रहेंगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिल सके।
35 स्थानों पर बनाए गए डायवर्जन प्वाइंट
यातायात नियंत्रण के लिए नैनीताल जिले में 35 प्रमुख स्थानों पर डायवर्जन प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इनमें कालाढूंगी, लामाचौड़, तीनपानी, भीमताल, खुटानी, भवाली, क्वारब, रामगढ़, रानीखेत पुल और अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इन प्वाइंट्स पर पुलिस बल तैनात रहेगा और यातायात को आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यात्रा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मेले के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए यह व्यापक व्यवस्था लागू की गई है।





