मैं एकलव्य और आप मेरे द्रोणाचार्य : शोभा

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सुनील कुमार माथुर

नारी शक्ति वह शक्ति हैं जो कुछ करने की ठान लें तो फिर उसे वह पूरा करके ही रहती है । वैसे भी इस वक्त नवरात्रि चल रही है जो नारी शक्ति के ही दिन हैं और नवरात्रि स्पेशल कौन बनेगा करोडपति ? मैं कोटा राजस्थान की अध्यापिका शोभा ने शानदार खेल खेला । हालांकि वे छ : लाख चालीस हजार रुपए ही जीत पायी , लेकिन जिन सवालों के भी जवाब दिये वो काफी सटीक थे और बहुत सुन्दर ढंग से खेलकर महानायक अभिताभ बच्चन और तमाम दर्शकों का मन जीत लिया ।

खेल के दौरान अध्यापिका शोभा ने अभिताभ बच्चन से कहा कि मैं एकलव्य हूं और आप मेरे द्रोणाचार्य हैं । उन्होंने कहा कि 2013 में जब मैं बम्बई आर्डिशन देने आई थी तब अभिताभ बच्चन की एक फोटों अपने साथ ले गई । उस फोटों को अपने घर में एक अलमारी पर लगाकर कहती थी सर , मैं जल्दी ही आपके सामने आ रही हूं ।

उन्होंने कहा कि उन्होंने जो भी शिक्षा प्राप्त की वह के बी सी के जरिए ही प्राप्त की हैं । उन्होंने कहा कि वे एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं और स्कूल का नाम भी के बी सी हैं । वे हंसी मजाक करते हुए खेलती रही और आगे बढती रही । इधर अभिताभ बच्चन भी मस्ती के मूड में थे जिसकी वजह से बीच बीच में जमकर तालियां बजती रही ।

शोभाजी के स्कूल में नन्हें नन्हें बच्चें हैं जो उनसे काफी लगाव रखते हैं । दूसरी ओर शोभा भी बच्चों से बहुत ही लाड प्यार और दुलार करती है । इतना ही नहीं अपनी कमाई में से बच्चों की सहायता हेतु भी धन राशि खर्च कर मानव सेवा का एक नेक कार्य कर रही हैं । अध्यापिका शोभा ने सदैव रोते हुए बच्चों को हंसाया । वहीं बच्चों को खेल खेल में ही बहबहुत कुछ सीखा दिया । उन्होंने कहा कि बच्चों की खुशी में ही मेरी और हम सब की खुशी हैं ।

खेल ही खेल के दौरान शोभाजी के नेक कार्य से प्रभावित होकर महानायक अभिताभ बच्चन ने भी उन्हें आश्वस्त किया कि मैं भी बच्चों की कुछ मदद करना चाहता हूं लेकिन उन्होने राशि का खुलासा नहीं किया और कहा कि एक भी बच्चे का भविष्य बन जाये तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी ।

अभिताभ बच्चन ने अध्यापिका शोभा के खेल को देखकर कहा कि आपको बहुत अच्छी जानकारी हैं । उन्होंने कहा कि भगवान के बाद इस धरती पर गुरु और मां को ही भगवान का दर्जा दिया जा सकता है.


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

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सुनील कुमार माथुर

स्वतंत्र लेखक व पत्रकार

Address »
33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

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