
देहरादून के शिमला बायपास स्थित बुड्ढी गांव में देर रात अज्ञात हमलावरों ने अधिवक्ता साहिल उर्फ सोहेल की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए, जबकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पुरानी रंजिश समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है।
- देहरादून में फिर खूनखराबा, वकील की हत्या से दहशत
- घर में घुसकर मारी गोली, अधिवक्ता की मौत
- बुड्ढी गांव हत्याकांड: सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
- भाजपा नेता की हत्या के बाद अब वकील की हत्या से बढ़ी चिंता
देहरादून। राजधानी देहरादून में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शिमला बायपास रोड स्थित बुड्ढी गांव में रविवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की पहचान साहिल उर्फ सोहेल के रूप में हुई है, जो पेशे से अधिवक्ता था। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह अपने घर में भाई के साथ मौजूद था।
इसी दौरान कुछ अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और सीधे साहिल को निशाना बनाते हुए गोली चला दी। गोली लगने के बाद साहिल गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। परिजनों और आसपास के लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए, लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। वारदात को अंजाम देने का तरीका इस ओर संकेत करता है कि हमलावर पहले से पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनका लक्ष्य केवल साहिल था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। पटेलनगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर जल्द ही हमलावरों तक पहुंचा जा सकेगा। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच प्रयोगशाला में कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद, पेशेगत कारण अथवा किसी पूर्व नियोजित साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण जांच को सभी संभावित पहलुओं पर आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस मृतक के सामाजिक, पारिवारिक और पेशेगत संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही देहरादून के बैरागीवाला क्षेत्र में भाजपा नेता विनोद की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। लगातार दो दिनों में हुई दो बड़ी हत्याओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने कहा कि पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। आसपास के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। देर रात हुई इस हत्या से बुड्ढी गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है।





