मजदूर अपने अधिकारों के प्रति कितना जागरूक…?

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ओम प्रकाश उनियाल

भारत का मजदूर आज भी दयनीय हालत में है। सरकार द्वारा उसके हित के लिए कितनी ही कल्याणकारी योजनाएं चलायी जाएं उसका भरपूर लाभ उसे नहीं मिल पाता। आज भी मजदूर का हर जगह शोषण हो रहा है। चाहे वह किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान ( कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों को छोड़कर) में कार्य कर रहा हो या दिहाड़ी पर। न तो उसको सरकार द्वारा तय मानकों के हिसाब से दिहाड़ी मिलती है न वेतन।

बेशक, उससे अंगूठा तय वेतन पर लगवा दिया जाता है। निर्माण कार्यों में लगे मजदूर का भी यही हाल है। ठेकेदार उनका जमकर शोषण करता है। बिचौलिए ही मजदूर का शोषण करते हैं। मजदूर किसी तरह से विरोध नहीं कर पाता, अपनी आवाज कहीं नहीं उठा पाता। दूसरों पर ही निर्भर रहता है।

इसका मुख्य कारण गरीब होना, अशिक्षित होना, कम पढ़-लिखा होना एवं सबसे बड़ी बात अपने अधिकारों के प्रति सजग न होना। उसे तो यह डर होता है कि यदि वह अपने शोषण की आवाज उठाएगा तो उसकी रोजी छिन जाएगी। मजदूर की मजबूरी की वास्तविक सच्चाई जानते सब हैं मगर जब बात आती है उसको बढ़ावा देने या उसकी सहायता करने से कन्नी काट लेते हैं।

देश में अनेकों मजदूर संगठन हैं। जो मजदूरों के हकों के लिए आवाज उठाते ही रहते हैं। फिर भी मजदूर की स्थिति जस की तस रहती है। श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, एकता बनाए रखने, राष्ट्र के विकास में उनकी भूमिका व उपलब्धियां व उन्हें सम्मान दिलाने के समर्थन में 1 मई को विश्व के सभी देशों में मई दिवस मनाया जाता है।

इस दिवस को श्रमिक दिवस, लेबर डे, मजदूर दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 1 मई 1886 को अमेरिका में मजदूरों द्वारा काम के घंटे तय करने व शोषण के खिलाफ आंदोलन छेड़ा गया था। आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलायी गयी थी जिसमें कई मजदूरों की मौत हो गयी थी। बाद में बलिदानी मजदूरों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाने लगा। भारत में 1923 से यह दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन मजदूर संगठनों द्वारा जागरूकता रैलियां निकाली जाती हैं।

भारत सरकार द्वारा आज भी मजदूरों के लिए अनेकों योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। ई-श्रम जैसी योजना में पंजीकरण कराकर काफी फायदा उठा सकते हैं। अन्य भी योजनाएं हैं जो उसके जीवन को खुशहाल बना सकती हैं। जब तक मजदूर को अपनी ताकत का अहसास नहीं होगा तब तक जागरूक नहीं बन सकता।


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

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ओम प्रकाश उनियाल

लेखक एवं स्वतंत्र पत्रकार

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कारगी ग्रांट, देहरादून (उत्तराखण्ड) | Mob : +91-9760204664

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

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