
नैनीताल में साइबर ठगों ने फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर एक होटलकर्मी से 45 हजार रुपये ठग लिए। ठगों ने पहले भाई बनकर पैसे मांगे और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराया। मामला सामने आने पर पीड़ित ने तल्लीताल थाने में शिकायत दर्ज कराई, पुलिस जांच में जुटी है।
- सोशल मीडिया पर ठगी का नया तरीका, युवक बना शिकार
- फेसबुक मैसेज से शुरू हुआ खेल, 45 हजार रुपये गंवाए
- भाई की फर्जी आईडी बनाकर जालसाजों ने रचा षड्यंत्र
- पुलिस अधिकारी बनकर डराया, फिर ठगे पैसे
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जिसमें जालसाजों ने फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर एक होटलकर्मी को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने बेहद शातिर तरीके से पीड़ित को झांसे में लेकर कुल 45 हजार रुपये ठग लिए। जानकारी के अनुसार, अल्मोड़ा निवासी हिमांशु नैनीताल के एक होटल में कार्यरत है। रविवार सुबह उसे फेसबुक मैसेंजर पर एक संदेश मिला, जिसमें भेजने वाले ने खुद को दुबई में रह रहे उसके भाई के रूप में प्रस्तुत किया।
भाई समझकर हिमांशु ने बिना सत्यापन किए तुरंत पांच हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद ठगों ने अपनी चाल और तेज करते हुए खुद को पुलिस अधिकारी बताया और किसी कथित कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर दो बार में 20-20 हजार रुपये और मांग लिए। भय और भ्रम की स्थिति में युवक ने यह रकम भी भेज दी। इस तरह कुल 45 हजार रुपये जालसाजों के खाते में ट्रांसफर हो गए। कुछ समय बाद जब हिमांशु को संदेह हुआ तो उसने सीधे अपने असली भाई से संपर्क किया।
बातचीत के दौरान उसे पता चला कि जिस आईडी से पैसे मांगे गए थे, वह पूरी तरह फर्जी थी। तब जाकर उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत तल्लीताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच साइबर सेल को सौंप दी है। अधिकारियों का कहना है कि ठगों की पहचान करने और पैसे की रिकवरी के लिए तकनीकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी परिचित के नाम से पैसे की मांग आने पर तुरंत विश्वास न करें। पहले संबंधित व्यक्ति से फोन या अन्य माध्यम से पुष्टि करें। साथ ही किसी अनजान लिंक या संदिग्ध मैसेज पर प्रतिक्रिया देने से बचें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।





