
देहरादून में चारधाम यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त किया गया है, जिसमें ATS की तैनाती और यूट्यूबर-ब्लॉगर की निगरानी शामिल है। पुलिस ने उच्चस्तरीय बैठक में SOP लागू करने और संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विशेष रणनीति बनाई है। यात्रा मार्ग पर मॉक ड्रिल, सत्यापन अभियान और आधुनिक तकनीक के जरिए सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।
- चारधाम यात्रा: सुरक्षा के लिए ATS और हाईटेक निगरानी
- धामों में सख्ती बढ़ी, ब्लॉगर-यूट्यूबर पर पुलिस की नजर
- यात्रा से पहले पुलिस अलर्ट, हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी
- चारधाम मार्ग पर सुरक्षा का कड़ा पहरा, मॉक ड्रिल भी होगी
देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। इस बार यात्रा के दौरान आतंकवादी खतरों को ध्यान में रखते हुए आतंकवादी निरोधी दस्ता (ATS) को भी धामों और प्रमुख यात्रा मार्गों पर तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यूट्यूबर, ब्लॉगर और अन्य डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में डीजीपी दीपम सेठ ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, ऐसे में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। यात्रा से पहले ही सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। धामों और यात्रा मार्गों का निरीक्षण करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनमें एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
ये अधिकारी गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ सहित ऋषिकेश और हरिद्वार क्षेत्र में जाकर सुरक्षा, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण, रजिस्ट्रेशन केंद्र, ठहराव स्थल और पुलिस बल की तैनाती का जायजा लेंगे। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील स्थानों जैसे बॉटलनेक और लैंडस्लाइड जोन की पहचान कर ली गई है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग, CCTV निगरानी और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। यात्रा मार्ग को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ATS के साथ संयुक्त मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी।
प्रशासन ने सभी होटल, ढाबों, टेंट संचालकों, घोड़ा-खच्चर सेवा प्रदाताओं, टैक्सी चालकों और अन्य अस्थायी कर्मचारियों का अनिवार्य सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों और अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरा उपयोग को लेकर जारी SOP का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निजी ड्रोन संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
सुरक्षा एजेंसियां एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ समन्वय बनाकर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के चालू होने से इस बार यात्रियों की संख्या में वृद्धि की संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया है। कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार अभूतपूर्व स्तर की तैयारियां की हैं।





