मां ममता की मूरत होती है… तभी तो तू एक नारी होकर एक अबोध कन्या पर जुल्म...
सुनील कुमार माथुर
ईश्वर के अनेक रूप… जिसके ललाट पर नियमित रूप से तिलक होता है वही ईश्वर का हो...
व्यवहार और आदर, हम आज अपने मेकअप पर पानी की तरह धन बेकार में ही बहा रहे...
हारे का सहारा, प्रभु जब अपने भक्तों का हाथ थाम लेते हैं तो फिर उसका कभी भी...
कर्म ही पूजा, कर्म ही शक्ति, अपना कार्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ कीजिये...
नव वर्ष आओ आपका स्वागत है, नये साल के साथ ही देश में अमनचैन व भाईचारे की...
कविता : सबकी प्यारी गुडिया, नाना-नानी कहने लगे देखों घर में दो दो गुडियां, एक गुडिया छुटकी है...
अहसान और जिम्मेदारी… ठीक उसी प्रकार माता-पिता का मान सम्मान करना, उनकी आज्ञा का पालन करना, उनकी...
सुख-दु:ख, जीवन ऐसा जीओ जिसे किसी की नजर न लगे और दूसरे भी आपके जीवन से कुछ...
सच्चा इंसान, जो बालक बालिका अपनी सभ्यता और संस्कृति के अनुरूप कार्य करते है वे कभी भी...














