July 12, 2026

सुनील कुमार माथुर

कविता : सबकी प्यारी गुडिया, नाना-नानी कहने लगे देखों घर में दो दो गुडियां, एक गुडिया छुटकी है...
अहसान और जिम्मेदारी… ठीक उसी प्रकार माता-पिता का मान सम्मान करना, उनकी आज्ञा का पालन करना, उनकी...
गिरगिट यूं ही बदनाम है… अपने मुख से कभी भी अप्रिय भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए...
आदर्श संस्कार ही हमारी पहचान हैं। हमारा अनमोल धन है। संस्कारवान लोगों को किसी के सहारे की...
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