अजय एहसास पावन जल और पावन माटी पावन देश हमारा आओ मनाएं अमृत उत्सव प्यारा । इस...
साहित्य लहर
राजीव कुमार झा अरी प्रिया जीवन सबसे सुंदर संग तुम्हारे लगता कोई ठंडा मीठा झरना ऊंचे पर्वत...
सिद्धार्थ गोरखपुरी पौवालय से पौवा लेकर डगमग पाँव से गाँव चले हीत -मित्र के प्रबल प्रेम में...
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा जीवनदायी सुखदायी धरा के आभूषण वृक्ष। प्राणवायु देते जीवनदायी धरा के आभूषण वृक्ष।...
सिद्धार्थ गोरखपुरी दोनों नयन सावन बनकर रिमझिम-रिमझिम बरसात करें समझ तनिक आता ही नहीं के कितने हैं...
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा स्नेह भरी शुभ सौगात है, अटूट प्रेम की राखी । सावन में खुशियां...
सुनील कुमार माथुर रक्षा बंधन का यह पावन दिवस आया है बहनों के लिए अपार खुशियां लाया...
राजेश ध्यानी ‘सागर’ पागल जानें दो यार ये अपनी धुन मे संवार। कुछ भी कहें पागल जो...
राजेश ध्यानी सागर चांदनी सो गयीं चांद के साथ। सूरज फंस गया आग में, मन तो शांत...
सिद्धार्थ गोरखपुरी मोहन! मुरली से प्रीत तुम्हारी अगाध अनन्त हुई कैसे प्रीत में पागल मीराबाई मन से...














