October 31, 2026

साहित्य लहर

सुनील कुमार माथुर किसी साहित्य प्रेमी ने कितनी सुन्दर पंक्तियां लिखी हैं बेटियां दीये की तरह होती...
सुनील कुमार माथुर आओं ऐसा दीप जलाएं जहां घोर अंधकार छाया हो अंहकार , घमंड , राग...
सुनील कुमार माथुर दीपावली के इस पावन अवसर पर इतने मंहगे पटाके क्यों छोड रहे हो पटाखें...
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