आखिर देश में चीता आया

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नवाब मंजूर

चीता आया चीता आया
देख सारा विपक्ष घबराया
सत्तर साल बाद हुआ दीदार
नामीबिया ने भेजा उपहार

मोदी जी के अवतरण दिवस को-
बना दिया उसने यादगार!
मोदी जी ने उन्हें जंगल छोड़ा
देखने के लिए करना होगा इंतजार थोड़ा!
अभी क्वारंटीन रहेंगे

सीमित दायरे में घूमेंगे फिरेंगे
जब वे हमारे जंगल से परिचित हो जाएंगे
नये पारिस्थितिकी तंत्र में फिट हो जाएंगे
तब मचाएंगे उछल कूद खूब
देख मजा तभी हमें आएगा खूब!

है देश के लिए गर्व की बात
मीडिया ने क्या खूब कवर की आज?
फैंसी ड्रेस पहन पहन कर-
दिखाई पल-पल की गतिविधियां!
दर्शकों ने बजाई खूब तालियां

विपक्ष से जब रहा न गया?
महंगाई बेरोजगारी का मुद्दा उठाया!
पूछा , चीते से क्या बढ़ेगा रोज़गार?
युवा सड़कों पर कर रहे हाहाकार!
तब,
इतना उधम मचाने की जरूरत क्या है यार?
चीख चिल्ला कर थक गए हैं यार

एकही सवाल पूछें बार बार!
मीडिया ने न ध्यान दिया,
जनता ने न कान दिया!
दिन भर चीता चीता हुआ,
शेर ( मोदी जी) ने ही देश को-
उपहार में चीता दिया,
सत्तर साल में जो कोई न किया
आपने देश को आखिर जीता ही दिया।


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

From »

मो. मंजूर आलम ‘नवाब मंजूर

लेखक एवं कवि

Address »
सलेमपुर, छपरा (बिहार)

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

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