भुवन बिष्ट जय जय शंभू महादेवा, धरिया हामरि लाज, विनती सुणीया हे देवा, सुफल करिया काज। एक...
साहित्य लहर
नवाब मंजूर कुछ देश, पहले उकसाते हैं बहकाते हैं,भटकाते है देकर सहयोग का आश्वासन युद्ध कराते हैं...
नवाब मंजूर नील गगन से सुबह सवेरे आईं किरणें बहुतेरे जागो मुन्ना! छोड़ो बिस्तर हो जा झट...
सुनील कुमार शिव शंकर हम भक्त तुम्हारे बेआस-बेसहारे लो हम तो आ गए अब शरण में तुम्हारे...
डॉ एम डी सिंह भस्म हो रहा समय खोलो तो दृग होने को दिख रहा भुवन अवशेष...
सुनील कुमार माथुर सुनील , चेतन , चांद मोहम्मद , राजेन्द्र कुमार हमेंशा की तरह स्कूल जा...
नवाब मंजूर पापा रंग लाए हो बाजार गये थे? लाओ अपना झोली दिखाओ मुझे! पापा झेंपते हुए...
शिवांश राय भावरकोल, गाजीपुर (उ.प्र.) 8738875698 | raishivansh49@gmail.com बीते वक्त की बात है, सबके अपने जज्बात हैं।।...
सुनील कुमार दैनिक जीवन में विज्ञान कर रहा है बड़ा कमाल रोटी-कपड़ा या हो मकान हर जगह...
मो. मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर बंद दरवाजे जब सारे हो जाएं , तब दरवाजा एक ही...













