मुकेश कुमार ऋषि वर्मा तज दो अवगुण मिटा दो कलेश मत जाओ दनुजता के निकट रम जाओ...
साहित्य लहर
सुनील कुमार माथुर हे मानव ! तू इतना घमंड क्यों कर रहा हैं दिन – रात इधर...
अजय एहसास देश के लिए जिन्होने सुख सुविधाएं छोड़, त्याग जो किया दुनिया को बतलायेंगे। बाबा के...
सुनील कुमार माथुर हमारे शास्त्र और साहित्य कहते हैं कि जिस घर में नारी का सम्मान होता...
अजय एहसास मुझे पता ना मैं क्या हूं मुझे बता ना मैं क्या हूं खुद को ही...
सुनील कुमार दलित-शोषितों के हक के खातिर संघर्ष का बिगुल बजाया था छुआ-छूत जग से मिटाने को...
प्रेम बजाज वो इस कदर दिल में बस गया था, कि दिल छोड़ मुझे उसी का हो...
राजीव कुमार झा साहित्य की विविध विधाओं में आलोचना का भी महत्वपूर्ण स्थान है और नामवर सिंह...
महेश राठौर सोनू ना तो कोई रिश्ता है ना निभाया करो कसम है तुम्हें तुम याद ना...
सुनील कुमार माथुर रिश्वत लेते जब बेटा पकडा गया तब मां की आत्मा चित्कार उठी और वह...














