अंकिता मर्डर केस : डीएनए जांच में हुआ बड़ा खुलासा

इस समाचार को सुनें...

अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले VIP मेहमानों को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बनाया जा रहा था.

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है. पोस्टमार्टम के बाद अंकिता का स्वैप डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भेजा था. जिसकी रिपोर्ट आने के बाद यह खुलासा हुआ है कि हत्या से पहले अंकिता के साथ किसी तरह का कोई भी सेक्सुअल असॉल्ट नहीं हुआ था. उसमें किसी और का डीएनए नहीं मिला है.

उत्तराखंड पुलिस अब इस मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी किसी तरह के फिजिकल एसाल्ट की बात सामने नहीं आई थी. जिसके बाद पुष्टि के लिए अंकिता के स्वैप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था. ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में रिसेपनिस्ट के तौर काम कर रही अंकिता की हत्या के बाद पूरे उत्तराखंड में लोगों के बीच गुस्सा फैल गया था.

स्थानीय लोगों ने रिसॉर्ट में आग लगा दी थी. इसके बाद उत्तराखंड की सरकार ने इस पूरे मामले की जांच को एक SIT को सौंप दिया. बता दें, ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 साल की अंकिता भंडारी की हत्या की जांच SIT कर रही है. पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर में वनतारा रिजॉर्ट में 19 साल की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी.

अंकिता भंडारी की कथित रूप से रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता के साथ मिलकर ऋषिकेश के पास चीला नहर में धकेलकर हत्या कर दी थी. इससे पहले, अंकिता की गुमशुदगी के मामले में 23 सितंबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था जिन्होंने पूछताछ में उसकी हत्या की बात स्वीकार की थी.

आरोपियों की निशानदेही पर अंकिता का शव 24 सितंबर को चीला नहर से बरामद किया गया था. इसके बाद एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए थे. जिसमें अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले VIP मेहमानों को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बनाया जा रहा था. इसकी पुष्टि वॉट्सएप चैट से हुई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Devbhoomi Samachar