
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। केदारनाथ यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है, यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर मलबा और भू-धंसाव के कारण बंद है, जबकि घनसाली में एहतियातन सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग प्रभावित मार्गों को जल्द खोलने के लिए युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटे हैं।
- कुंड के पास बोल्डर गिरने से केदारनाथ हाईवे बंद, मशीनें राहत कार्य में जुटीं
- लगातार बारिश से चारधाम यात्रा प्रभावित, यमुनोत्री मार्ग पर मलबा
- घनसाली में बारिश के चलते कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद
- उत्तराखंड में मानसून का कहर, टिहरी की नौ सड़कें भी हुईं बाधित
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने चारधाम यात्रा और जनजीवन पर व्यापक असर डाला है। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है, उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर मलबा, भू-धंसाव और पत्थर गिरने से बाधित हो गया है। वहीं टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र में खराब मौसम को देखते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय मंगलवार के लिए बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल करने के लिए लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रहे हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश और घने कोहरे के बीच केदारनाथ धाम की यात्रा सुस्त पड़ गई है। धाम के आसपास की ऊंची चोटियां बर्फ से ढकी हुई हैं और पूरे क्षेत्र में ठंड का असर बढ़ गया है। पिछले तीन-चार दिनों से प्रतिदिन एक हजार से कम श्रद्धालु धाम पहुंच रहे थे, हालांकि सोमवार को मौसम में कुछ सुधार के बीच 1,114 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे। अब तक 14,17,136 से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम में दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी करते हुए यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहा है।
बारिश के कारण मंगलवार सुबह केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई स्थानों पर बाधित हो गया। कुंड-काकड़ा गाड़ के बीच पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा आने के कारण यातायात रोकना पड़ा। सिरोहबगड़ क्षेत्र में देर रात मलबा आने से मार्ग कुछ समय के लिए बंद हुआ, जिसे बाद में खोल दिया गया। गौरीकुंड के मुनकटिया क्षेत्र में भी मलबा और पत्थर गिरने की सूचना मिलने पर मशीनें मौके पर भेजी गईं। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने जेसीबी और एक्सकेवेटर की मदद से मलबा हटाने का कार्य तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार काकड़ा गाड़ क्षेत्र में भारी बोल्डरों के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तरकाशी जिले में भी लगातार बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे करीब आधा दर्जन स्थानों पर मलबा, पत्थर और भू-धंसाव के चलते अवरुद्ध हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने मशीनें मौके पर भेज दी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है। प्रशासन यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील कर रहा है।
टिहरी जिले में भी भारी वर्षा का व्यापक असर देखने को मिला। भूस्खलन और मलबा आने से नौ ग्रामीण संपर्क मार्गों पर यातायात ठप हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार रायपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, घुत्तू-गंगी, गुल्लर-भगवासेरा, गुल्लर-नाई माथियाली, नरेंद्रनगर-रानीपोखरी, देवप्रयाग-गाजा-जाजल, लालपुल-भुत्सी, रानीचौरी-नकोट तथा दिवाड़ा-बांगोली-राजराजेश्वरी मंदिर मार्ग प्रभावित हैं। विभागीय टीमें लगातार मलबा हटाकर मार्गों को खोलने में जुटी हुई हैं।
खराब मौसम को देखते हुए घनसाली उपजिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन ने यात्रियों, स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।





