
देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना न खरीदने की अपील और आयात शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में सराफा कारोबारियों ने नाराजगी जताई है। ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के आह्वान पर प्रदेशभर में व्यापारी सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। कारोबारियों का कहना है कि सोने की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों की खरीदारी भी कम हो सकती है।
- सोने पर बढ़े आयात शुल्क से सराफा बाजार में हलचल
- देहरादून समेत प्रदेशभर में ज्वैलर्स करेंगे कैंडल प्रदर्शन
- एक दिन में 10 हजार रुपये महंगा हुआ सोना, व्यापारियों में चिंता
- सराफा कारोबारियों ने कहा- सोना भारतीय परंपरा और आस्था का प्रतीक
देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोना न खरीदने की अपील और सोने पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी के बाद उत्तराखंड के सराफा कारोबारियों में नाराजगी बढ़ गई है। ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल ने इसे स्वर्ण कारोबार और उससे जुड़े हजारों परिवारों के हितों के खिलाफ बताते हुए प्रदेशभर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। गुरुवार को देहरादून सहित विभिन्न जिलों में व्यापारी मोमबत्ती जलाकर विरोध दर्ज कराएंगे।
सराफा कारोबारियों का कहना है कि सोना भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। विवाह, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। ऐसे में लोगों से सोना न खरीदने की अपील का सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार इससे न केवल बिक्री प्रभावित होगी, बल्कि इस क्षेत्र से जुड़े कारीगरों, निर्माताओं और छोटे व्यापारियों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के प्रदेश महासचिव गुरजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील और आयात शुल्क में बढ़ोतरी से बाजार में नकारात्मक माहौल बना है। उनका कहना है कि पहले ही वैश्विक परिस्थितियों के कारण सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, ऊपर से आयात शुल्क बढ़ने से कारोबार पर अतिरिक्त दबाव आ गया है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण व्यवसाय केवल व्यापार नहीं बल्कि भारतीय सामाजिक परंपरा का हिस्सा है।
देहरादून सराफा मंडल के अध्यक्ष सुनील मैंसोन ने बताया कि राजधानी में शाम सात बजे धामावाला स्थित सराफा बाजार में व्यापारी कैंडल जलाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी सराफा कारोबारी अपने-अपने बाजारों में प्रदर्शन करेंगे। व्यापारियों का कहना है कि सरकार को ऐसे निर्णय लेने से पहले उद्योग और व्यापार जगत से संवाद करना चाहिए था।
इधर, सोने की कीमतों में अचानक आई तेज बढ़ोतरी ने ग्राहकों और कारोबारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। सराफा मंडल के अनुसार बुधवार को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.66 लाख 500 रुपये तक पहुंच गई, जबकि एक दिन पहले यह लगभग 1.55 लाख रुपये थी। यानी एक ही दिन में करीब 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। व्यापारियों का कहना है कि आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के कारण यह उछाल आया है।
कारोबारियों का मानना है कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की खरीद क्षमता प्रभावित होगी। इससे शादी-विवाह के सीजन और त्योहारों के दौरान भी बाजार की रौनक कम पड़ सकती है। व्यापारियों ने सरकार से आयात शुल्क में राहत देने और स्वर्ण कारोबार को लेकर सकारात्मक नीति अपनाने की मांग की है।





