
देहरादून में राजस्थान एसओजी और दून पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए NEET UG 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी कई दिनों से डालनवाला क्षेत्र में छिपा हुआ था। इससे पहले राजस्थान में इस मामले में 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं।
- देहरादून में छिपा था NEET पेपर लीक का आरोपी, राजस्थान पुलिस ने दबोचा
- नीट परीक्षा विवाद में बड़ी गिरफ्तारी, झुंझुनूं निवासी राजेश गिरफ्तार
- डालनवाला में SOG का ऑपरेशन, NEET लीक मामले में आरोपी हिरासत में
- NEET UG 2026 पेपर लीक जांच तेज, राजस्थान से पहुंची टीम ने आरोपी पकड़ा
देहरादून: NEET UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजस्थान एसओजी ने दून पुलिस के सहयोग से देहरादून के डालनवाला क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के झुंझुनूं निवासी राजेश के रूप में हुई है, जो पिछले कई दिनों से देहरादून में छिपकर रह रहा था। जानकारी के अनुसार, राजस्थान में NEET UG परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसओजी टीम को इनपुट मिला था कि मामले से जुड़ा एक संदिग्ध आरोपी देहरादून में मौजूद है।
इसके बाद राजस्थान पुलिस ने देहरादून पुलिस से संपर्क कर आवश्यक सूचनाएं साझा कीं। इनपुट मिलने के बाद दून पुलिस और राजस्थान एसओजी ने संयुक्त रणनीति बनाकर डालनवाला थाना क्षेत्र में कार्रवाई की। पुलिस टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखने के बाद आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान और मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने पर राजस्थान से आई एसओजी टीम ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आगे की पूछताछ और जांच के लिए राजस्थान ले जाया गया है।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि राजस्थान पुलिस से सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे राजस्थान एसओजी के सुपुर्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि राजस्थान में चल रही जांच के दौरान अब तक झुंझुनूं सहित कई स्थानों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सीकर क्षेत्र में मिले एक कथित गेस पेपर के सौ से अधिक प्रश्न इस बार की NEET परीक्षा में पूछे जाने की बात सामने आई है।
हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शुरुआती स्तर पर पेपर लीक की बात से इन्कार किया है। फिलहाल राजस्थान एटीएस और एसओजी पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, पेपर कैसे बाहर पहुंचा और इसका दायरा किन राज्यों तक फैला हुआ है। देहरादून से हुई गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने अन्य संभावित ठिकानों और संदिग्धों पर भी निगरानी बढ़ा दी है।





