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मेहूंवाला क्लस्टर पेयजल योजना से दूर न हो सकी पानी की किल्लत, कहीं भी पेयजल आपूर्ति दावे के अनुरूप नहीं है। क्षेत्रवासियों ने पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक से योजना का निरीक्षण कर लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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देहरादून। मेहूंवाला क्लस्टर पेयजल योजना से अच्छादित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति अब भी पटरी पर नहीं आ सकी है। कई क्षेत्रों में आए दिन नलकूप की मोटर फुंकने से क्षेत्रवासियों के हलक सूख रहे हैं। आरोप है कि नए नलकूपों का निर्माण करने के बावजूद पेयजल निगम सिंचाई विभाग के पुराने जर्जर नलकूपों के भरोसे है।
क्षेत्रवासियों ने पेयजल निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नए नलकूपों से आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। शिकायत निवारण समिति के सदस्य बीरू बिष्ट ने पेयजल निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के नलकूप आए दिन खराब हो रहे हैं। जिसकी वजह से किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। साथ ही क्षेत्रवासियों को भी पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
लाभ तीन दिन पहले श्यामपुर स्थित सिंचाई विभाग के नलकूप की मोटर फूंक गई थी, जिसे रविवार रात ठीक किया गया, लेकिन करीब आठ घंटे बाद मोटर फिर खराब हो गई। करीब एक अरब 64 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पेयजल योजना का अब तक क्षेत्रवासियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नई पेयजल योजना में उपभोक्ता को 16 घंटे तक पानी उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कहीं भी पेयजल आपूर्ति दावे के अनुरूप नहीं है। क्षेत्रवासियों ने पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक से योजना का निरीक्षण कर लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
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