आओ पेड़ लगाएं, धरती का ताप घटाएं

सभी साथियों से विनम्र निवेदन है कि इस बार बरसात शुरू होते ही कम से कम दो पेड़ अवश्य लगाएं। सब काम सरकार पर ही न छोड़ें, बल्कि आप भी एक जिम्मेदार नागरिक होने का अपना फर्ज निभाएं। ये पेड़ आपके पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त रखेंगे साथ ही आपको समृद्ध बनाने में भी मदद करेंगे। #सुनील कुमार, बहराइच (उत्तर प्रदेश)
विगत कई दिनों से तपन भरी गर्मी से जन मानस बेहाल है। सुबह 10-11 बजे से ही तेज गर्म हवाएं अपना सितम ढाने लगती हैं। दिन- ब-दिन बढ़ती गर्मी से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। वातावरण के बढ़ते ताप के कारण न केवल इंसान बल्कि धरा के अन्य जीव-जंतु भी बेहाल हैं। गर्मी से राहत के लिए लोग घरों में दिन-रात पंखा,कूलर,एसी आदि का सहारा ले रहे हैं, फिर भी गर्मी थमने का नाम नहीं ले रही है।
आखिर, हम कब तक एसी-कूलर का सहारा लेते रहेंगे। मानव निर्मित ये उपकरण गर्मी से राहत का कोई स्थाई उपाय नहीं है। वातावरण के निरंतर बढ़ते ताप को कम करने के लिए आज पूरे भारतवर्ष में तीन सौ करोड़ पेड़ों को लगाए जाने की आवश्यकता है, तभी हमारे वातावरण का तापमान सामान्य हो पाएगा।आप खुद ही महसूस कर रहे हैं कि दिनों-दिन तापमान बढ़ता ही जा रहा है।
सुबह तो तापमान सामान्य रहता है,लेकिन कुछ ही समय बाद यह 40°C से 45°C और कभी 50-55°C से तक पहुंच जाता है। पर्यावरणविदों का मानना है कि 56°C ताप में इंसानों का जीवित रहना मुश्किल होगा।इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए हमें अभी से ही पेड़- पौधे लगाने होंगे, क्योंकि एक पेड़ को बड़ा होने में पांच से दस साल लग जाते हैं।
सभी साथियों से विनम्र निवेदन है कि इस बार बरसात शुरू होते ही कम से कम दो पेड़ अवश्य लगाएं। सब काम सरकार पर ही न छोड़ें, बल्कि आप भी एक जिम्मेदार नागरिक होने का अपना फर्ज निभाएं। ये पेड़ आपके पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त रखेंगे साथ ही आपको समृद्ध बनाने में भी मदद करेंगे।