गांधीवाद की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ. विवेकानंद मिश्र

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डॉ. विवेकानंद पथ स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सा भवन में महात्मा गांधी की जन्म तिथि मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद मिश्र ने अपने उदगार में कहा है कि बढ़ती अराजकता आतंकवाद अलगाववाद क्षेत्रीयतावाद जातिवाद राष्ट्र की संस्कृति की विकृति हमारी नई पीढ़ी प्रगति और स्पर्धा के चुनौतियों के बीच पूर्वजों के मूल्यों का त्याग और संघर्ष की गाथाओं को भूलने की प्रगर्ति ने राष्ट्र का भारी नुकसान किया है।

डॉ. मिश्रा ने कहा देश के तथाकथित नेता सामाजिक पहचान के लिए या जो राजनीति में भविष्य तलाश रहे हैं विरोध प्रदर्शन में नकारात्मकता बढी है। वह देश के लिए मानवता के लिए उचित नहीं है। वर्तमान में जो आंदोलन संस्कृति का जैसा उदय हुआ है वह दुर्भाग्यपूर्ण है।संवैधानिक संस्थाओं का घेराव करना यातायात जाम करना एवं बंद का आवाहन कर जनजीवन को अस्त-व्यस्त करना आदि महात्मा गांधी के आजाद भारत में विरोध प्रदर्शन के लिए प्रसांगिक नहीं माने जा सकते।

आज गांधीजी की जयंती दिवस पर गांधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने वालो में जिन प्रमुख लोगों ने भाग्य लिया उनमें सर्वश्री डॉक्टर बी एन पांडे , प्रोफेसर उमेश चंद्र मिश्र शिव, प्रोफेसर रीना सिंह, कविता राऊत, वैष्णवी मांडवी गुड़दा, अनीशा कटरियार, डॉ किरण पाठक, संगीता श्रॉफ, आचार्य कुंज बिहारी पाठक, नाजिया सब्बीर, अधिवक्ता दीपक कुमार पाठक, किशु अनूप पाठक, डॉक्टर ज्ञानेश भारद्वाज, रवि मिश्रा, अजय कुमार मिश्र, सुनील यादव, अमित गोस्वामी, जितेंद्र ठाकुर, पवन कुमार मिश्र, डॉक्टर मंटू मिश्रा, देवेंद्र नाथ मिश्र, प्रोफेसर भोपाल रजक, मृदुला मिश्रा, फुल कुमारी यादव, संध्या मिश्रा, कुमारी अपर्णा , कुमा हैरी श्रुति,अनुपमा मिश्रा, प्रियांशु मिश्रा, मेघा मिश्रा, शंभू गोस्वामी, मालती देवी, बेबी देवी, डॉ.नीरा मिश्रा।

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