सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से करोड़ों रुपये के नकली नोट मिलने के मामले में जांच का दायरा अब उत्तराखंड के रुड़की तक पहुंच गया है। मामले में रुड़की से एक संदिग्ध को उठाए जाने के बाद यह जांच की जा रही है कि नकली नोटों को रुड़की क्षेत्र में खपाने की योजना तो नहीं थी। एनआईए अब सहारनपुर की करेंसी चेस्ट से बरामद नकली नोटों, गिरफ्तार आरोपियों और रुड़की कनेक्शन से जुड़ी कड़ियों की पड़ताल कर रही है।
- सहारनपुर PNB नकली नोट कांड के तार रुड़की से जुड़े
- नकली नोट मामले में रुड़की से संदिग्ध हिरासत में
- करेंसी चेस्ट से करोड़ों के नकली नोट, अब रुड़की पर नजर
- PNB नकली नोट केस में उत्तराखंड तक पहुंची जांच
रुड़की। सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से करोड़ों रुपये के नकली नोट बरामद होने के मामले में जांच का दायरा अब उत्तराखंड तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। मामले में रुड़की से एक संदिग्ध को हिरासत में लिए जाने के बाद जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं नकली नोटों को रुड़की क्षेत्र में खपाने की योजना तो नहीं थी।
सहारनपुर में करेंसी चेस्ट से जुड़े मामले में पहले बैंक के पार्ट टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की मौजूदगी का खुलासा हुआ। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई।
करेंसी चेस्ट से सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला
जानकारी के अनुसार, पांच अगस्त को सहारनपुर स्थित PNB करेंसी चेस्ट से करीब 111 करोड़ रुपये भारतीय रिजर्व बैंक, जयपुर भेजे गए थे। रकम की गिनती के दौरान करीब 4.33 लाख रुपये कम पाए गए। इसके बाद बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें पार्ट टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को नोटों की गड्डी निकालते हुए देखा गया। जांच आगे बढ़ने पर करेंसी चेस्ट से करीब 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और जांच एजेंसियों ने नकली नोटों के स्रोत तथा उनके संभावित नेटवर्क की पड़ताल शुरू की।
रुड़की से संदिग्ध को ले जाने के बाद बढ़ा कनेक्शन
मामले की जांच के दौरान एक संदिग्ध को रुड़की से उठाकर ले जाया गया। इसके बाद जांच एजेंसियों का ध्यान रुड़की की ओर गया है। जिस मकान से संदिग्ध को पकड़े जाने की बात सामने आई है, वहां वह अपने किसी परिचित के यहां आया हुआ बताया गया। अब जांच का एक अहम पहलू यह है कि संदिग्ध का रुड़की से क्या संबंध था और वह यहां किस उद्देश्य से आया था। उसके परिचित से संबंध और रुड़की में उसके ठहरने के कारणों की जानकारी पूछताछ के बाद सामने आने की उम्मीद है।
नकुड में किसान तक पहुंचा था संदिग्ध 500 रुपये का नोट
जांच में एक और कड़ी नकुड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से जुड़ती है। रिपोर्ट के अनुसार, करेंसी चेस्ट से नकली नोट बरामद होने के बाद भी नकुड क्षेत्र में एक किसान तक 500 रुपये का संदिग्ध नोट पहुंचा था। इसके अलावा नकुड क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा बैंक से करीब डेढ़ लाख रुपये निकालने के दौरान 500 रुपये का संदिग्ध नोट मिलने की बात भी सामने आई थी। इन घटनाओं को जोड़कर अब यह जांच की जा रही है कि नकली नोटों का नेटवर्क सहारनपुर से बाहर किन क्षेत्रों तक फैला था।
क्या रुड़की में खपाये जाने थे नकली नोट?
रुड़की से संदिग्ध की गिरफ्तारी और नकुड में संदिग्ध नोट मिलने की घटनाओं के बाद यह आशंका जांच का हिस्सा बन गई है कि नकली नोटों को रुड़की या आसपास के क्षेत्रों में खपाने की कोशिश तो नहीं की गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रुड़की में नकली नोट वास्तव में खपाए गए थे या उनकी सप्लाई की कोई योजना थी। इस संबंध में जांच एजेंसियां संदिग्धों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कड़ियां जोड़ रही हैं।
NIA की जांच का दायरा उत्तराखंड तक
सहारनपुर की PNB करेंसी चेस्ट से शुरू हुआ यह मामला अब उत्तराखंड के रुड़की तक पहुंच गया है। रुड़की से एक संदिग्ध को पकड़े जाने के बाद एनआईए की जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली नोटों की बरामदगी, करेंसी चेस्ट से जुड़े लोगों और रुड़की में पकड़े गए संदिग्ध के बीच क्या संबंध है। मामले में आगे और कार्रवाई होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
फिलहाल जांच का मुख्य फोकस नकली नोटों के स्रोत, उनके संभावित वितरण नेटवर्क और सहारनपुर से बाहर उनके इस्तेमाल या सप्लाई की संभावित कड़ियों पर है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रुड़की इस नेटवर्क का हिस्सा था या संदिग्ध का वहां पहुंचना किसी अन्य वजह से हुआ था।

