पहचान : 22 साल की उम्र में राष्ट्रपति से सम्मानित होंगे विशाल राज

एनएसएस ने दी एक बेहतर पहचान

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अशोक शर्मा

गया। गेवाल बिगहा पुलिस लाइन स्थित रहने वाले NKY टूर एंड ट्रेवल्स के मालिक चंदू यादव जी एवम संजू देवी के पुत्र विशाल राज को राष्ट्रपति के द्वारा 24 सितंबर 2021 राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सेवा,सेवा और सेवा को ध्यान में रखते हुए गया कॉलेज गया के एमबीए के छात्र विशाल राज ने जिस ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा से एनएसएस स्वयंसेवक के रूप में अपना योगदान और सेवा देते रहे हैं, वह गया जिला एवं मगध विश्वविद्यालय में किन्ही से छुपा हुआ नहीं है।

बिहार के मगध विश्वविद्यालय बोधगया के अंतर्गत विशाल राज का चयन हुआ है और ये अभी तक के तीसरे छात्र हैं जिन्हें ये पुरस्कार दिया जाएगा। कोरोना काल में गया जिले में इनके द्वारा चलाया गया अभियान… कोई भूखा न सोए… अति सराहनीय रहा और इन्होंने चंदा इकट्ठा कर के निरंतर लोगों के बीच बांटा। साथ ही साथ लोगों को अपने साथ अस्पताल ले जाकर उनका टीकाकरण भी करवाया। हाल ही में गेवाल बिगहा स्थित एक सोलह वर्षीय लड़की की माता का निधन हो गया,पिता का पहले ही देहांत हो चुका था उसके पढ़ाई लिखाई का जिम्मा लिया, और अपने आस पास के लोगों से भी उस लड़की के लिए मदद मांगी।

विशाल राज स्वयं बताते हैं कि किस प्रकार ऐसे कार्यों को करने के रास्ते में सामाजिक कुरीतियां बीच में आती हैं, और उनको गलत नज़र से देखा जाता था लेकिन अपने निरंतर प्रयास से उन्होंने अपने कॉलेज और साथ ही साथ गया शहर के बहुत लोगों को एनएसएस से जोड़ा और उन्हें उनका दायित्व समझाया। गया शहर के कई इलाकों में पेड़ पौधे लगाए गए और साथ ही साथ कई सामाजिक कुरीतियों पर अभियान भी चलाए गए जिसमें रोड पर सेफ्टी रूल का ख्याल रखना, अपने आस पास साफ सफाई पर विशेष ध्यान, नशा के खिलाफ भी जागरूकता अभियान शुरू किया गया।

जिसमें उन्होंने जिला प्रशासन के साथ भरपूर सहयोग की भूमिका निभाई। विशाल राज ये बोलते हुए भावुक हो गए कि परिश्रम का फल मीठा होता है ये आज जान भी लिया और इस सम्मान को पा लेने के बाद और नए जुनून और लगन के साथ कार्य करूंगा, और अपने शहर के लगभग हर परिवार को एनएसएस के कार्यों और उसके महत्व को बताते हुए इससे जोडूंगा विशाल राज अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को देते हैं और साथ ही साथ वो कहते हैं कि इसमें उनके अविभावक तुल्य शिक्षकों का भी अहम योगदान रहा है।

जिसमें गया महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य दिनेश प्रसाद सिन्हा जी, वर्तमान प्राचार्य प्रोफेसर दीपक कुमार, एनएसएस के पूर्व समन्वयक प्रोफेसर ब्रजेश कुमार राय, एनएसएस वर्तमान समन्वयक अंजनी कुमार घोष, कार्यकर्म पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार, और अन्य शिक्षक.. प्रो अश्विनी कुमार, प्रो शशि रंजन रस्तोगी, प्रो ब्रजभूषण, प्रो धनंजय धीरज, प्रो विनोद कुमार, प्रो केके नारायण, प्रो विभा, प्रो आभा पाठक,प्रोफेसर चंद्रिका सोनी और एमबीए विभाग के प्रो सुधा रंजन, प्रो विक्रमा, रवि कुमार, अमित कुमार,अंजनी कुमार,सोनू कुमार, शिक्षकेतर कर्मचारी राजू कुमार,कैलाश यादव,प्रकाश कुमार,रामजी, कामिनी दीदी,राजीव रंजन, झा जी को मानते हैं।

साथ ही साथ एनएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक… पवन मिश्रा, करण देव गुप्ता,अनुराग पासवान,प्रियदर्शनी गुप्ता, दिल्ली राजपथ प्रतिनिधि राखी कुमारी, स्वेता,शिवानी,शिखा, रानू,सानू,प्रीति,स्वाति,शिवांग अवस्थी,मनीष अन्य स्वयंसेवक सावन अभिषेक,तेजस्व कुमार,मोहम्द इस्तियाक,विशाल कुमार, विनायक सिंह,यस बॉस एवम वो अपनी बहनों में ट्विंकल, नैंसी,प्रिया कुमारी,सुकन्या,नीलू,सपना,कुसुम,शिल्पी,सृस्टि सेजल,अश्वि कश्यप,निशु,खुशी को श्रेय देते हैं।

अंत में विशाल ने कहा कि आप सभी लोगों का तहे दिल से शुक्रिया! जो भी मेरी खुशी में शामिल होने और मेरी दिल्ली तक की यात्रा की मंगलकामना के साथ आज उपस्थित हुए… सभी का हार्दिक धन्यवाद। ये दिन मैं कभी नहीं भूलूंगा की किस प्रकार करण देव गुप्ता भईया और पवन मिश्रा भईया ने मुझे गोद में उठा लिया और मुझे गले लगा के ढेरों शुभकामनाएं दी। बहुत बहुत आभार भईया। आज ये महसूस करने का गौरव फिर प्राप्त हुआ की एनएसएस लोगों का समूह है और बिना समूह के हमारा कोई अस्तित्व नहीं।

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