अपने आपको खुश रखने के लिए अच्छा साहित्य पढें

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सुनील कुमार माथुर

आज का इंसान तनाव पूर्ण वातावरण में जी रहा है । छोटी छोटी बातों को लेकर युवा निराश होकर आत्महत्या कर रहा है चूंकि नकारात्मक सोच ने उसकी प्रगति के सारे दरवाज़े बंद कर दिये है । परमात्मा ने हमें यह सुन्दर मानव जीवन दिया है ।

सोचने समझने की शक्ति दी है । चिन्तन के लिए मस्तिष्क दिया है फिर किस बात की चिंता । चिंता करे तो हमारे दुश्मन करें हम क्यों करे । युवापीढ़ी को चाहिए कि वह वह मन लगाकर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करे । सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें ।

आपके मन में सकारात्मक सोच होगी तो आपका हर कार्य आसान हो जायेगा । निराशा आपके पास फटक भी नही पायेगी और आप सदा प्रसन्न चित होकर कार्य कर पायेगें । खुश रहना भी अपने आप में एक कला है । एक तरह का हुनर है। जब आप खुश रहेंगे तो आपके साथी , परिवारजन, समाज के लोग व समूचा राष्ट्र खुशहाल रहेगा । इसीलिए कहा जाता है कि जिन्दगी के मजे लेने हो तो हर हाल में खुश रहो ।

जीवन में खुश रहने के लिए हमेशा सकारात्मक सोच रखनी होगी । तभी आप अपने आपको व दूसरों को सही ढंग से समझ पायेगे एवं खुश भी रहेंगे । जिस काम को करने में डर लगे वह काम जरूर करें । इससे आषका डर कम होगा और आप काम खत्म होने पर खुश भी होगे । काम को टालने की आदत छोडे ।

स्वंय की तुलना दूसरों के साथ न करें । अच्छी कॉमेडी मूविज देखे । अच्छा साहित्य पढे । सकारात्मक सोच वालों के साथ रहे । खुश रहने के लिए अपने आप से प्यार करें । दूसरे लोगों की सच्चे दिल से मदद करें । हर दिन के सभी काम प्लान करके करे फिर देखिये जीवन का आनंद ।


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

Devbhoomi
From »

सुनील कुमार माथुर

लेखक एवं कवि

Address »
33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

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