
हरियाणा के नूंह में दबिश देने जा रही जालौन पुलिस टीम की सड़क हादसे में मौत हो गई, जिसमें थके हुए चालक की चूक को मुख्य कारण माना जा रहा है। ड्राइवर ने पहले ही गाड़ी बदलकर चलाने की चेतावनी दी थी, लेकिन जल्दबाजी में उसे नजरअंदाज कर दिया गया। हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया और पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
- दबिश से पहले मौत: नूंह हादसे ने उजाड़े कई घर
- ‘गाड़ी बदलकर चलाना’—अनसुनी सलाह बनी हादसे की वजह
- अपहरण केस में निकली टीम, रास्ते में मौत ने घेरा
- दो महीने की शादी, एक हादसा और बिखर गई जिंदगी
कानपुर: हरियाणा के नूंह जिले में दबिश देने जा रही उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गई, जिसमें उपनिरीक्षक मोहित यादव समेत कई पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस विभाग को झकझोर दिया, बल्कि कई परिवारों की खुशियां भी एक झटके में उजाड़ दीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वाहन चालक की अत्यधिक थकान इस हादसे की बड़ी वजह बनी।
बताया जा रहा है कि जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक मोहित यादव को एक अपहरण मामले में हरियाणा में दबिश देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पीड़ित के परिजन लगातार पुलिस से गुहार लगा रहे थे कि जल्द कार्रवाई की जाए, जिससे टीम देर रात ही रवाना हो गई। गश्त के बाद बिना पर्याप्त आराम किए लंबी दूरी तय करने का निर्णय लिया गया, जो आगे चलकर घातक साबित हुआ।
रास्ते में चालक ने थकान को देखते हुए टीम को पहले ही सचेत किया था कि गाड़ी बदल-बदल कर चलाना चाहिए, क्योंकि लगातार ड्राइविंग खतरनाक हो सकती है। लेकिन जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में इस सलाह को नजरअंदाज कर दिया गया। आशंका है कि चलते वाहन में चालक को झपकी आ गई, जिससे नियंत्रण बिगड़ा और भीषण हादसा हो गया।
मंगलवार सुबह जैसे ही इस हादसे की सूचना संबंधित थानों में पहुंची, पुलिस महकमे में सन्नाटा छा गया। कुछ घंटे पहले तक साथ ड्यूटी कर रहे साथियों की मौत की खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई।
इस हादसे ने कई दिल दहला देने वाली कहानियां भी सामने ला दीं। सिपाही प्रदीप कुमार, जिनकी शादी महज दो महीने पहले हुई थी, उनकी मौत से उनकी पत्नी की जिंदगी उजड़ गई। वहीं सिपाही अशोक कुमार के पिता का निधन एक महीने पहले ही हुआ था और अब बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। उपनिरीक्षक मोहित यादव के पिता की भी पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी और अब बेटे के असमय निधन ने परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है।
हादसे के बाद मृतकों के गांवों और शहरों में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस त्रासदी को लेकर स्तब्ध है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि लंबी दूरी की यात्रा में थकान और लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है।








