
बुलंदशहर में ट्रिपल मर्डर केस के आरोपी ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने मुठभेड़ में उसके पैर में गोली मार दी। आरोपी मयंक सैनी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस उसे हथियार बरामद कराने ले जा रही थी, तभी उसने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया।
- पुलिस मुठभेड़ में आरोपी घायल, हथियार बरामद करने ले जाते समय भागा
- खुर्जा ट्रिपल मर्डर केस में एनकाउंटर, आरोपी के पैर में लगी गोली
- पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
- जन्मदिन पार्टी हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में पकड़ा गया
बुलंदशहर: खुर्जा क्षेत्र में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान गिरफ्तार आरोपी मयंक सैनी ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया, जिसके बाद उसे तत्काल गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, तीन हत्याओं के इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। सोमवार सुबह पुलिस आरोपी मयंक सैनी को उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद करने के लिए अगवाल फ्लाईओवर के पास लेकर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने अचानक भागने की कोशिश की और पुलिस पर तमंचे से फायरिंग कर दी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें मयंक के बाएं पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में गिरने के बाद पुलिस ने उसे मौके से ही दबोच लिया और उसके पास से तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किया गया।
सीओ खुर्जा शोभित कुमार ने बताया कि यह मामला शनिवार रात हुए ट्रिपल मर्डर से जुड़ा है, जिसमें जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए विवाद में दो भाइयों और उनके भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
घटना के पीछे का कारण जन्मदिन पार्टी के दौरान केक लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बताया जा रहा है। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर जिम में घुसकर तीनों युवकों पर गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
फिलहाल पुलिस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।








