
ऊधम सिंह नगर के काशीपुर में चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने आरोपी को तीन माह के कारावास और 3.25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जमीन सौदे से जुड़े इस विवाद में आरोपी भुगतान करने में विफल रहा। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
- चेक बाउंस पर सख्त रुख, आरोपी को कारावास
- जमीन सौदे के विवाद में कोर्ट का बड़ा फैसला
- भुगतान न करने पर आरोपी को जेल भेजा गया
- न्यायालय ने दोषी को सुनाई सजा और जुर्माना
काशीपुर। ऊधम सिंह नगर के काशीपुर में चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। पूनम टोडी, न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (जू.डि.) की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन माह के साधारण कारावास और 3.25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले के अनुसार, कुंडा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मिस्सरवाला निवासी अब्दुल गफ्फार ने अदालत में परिवाद दायर कर बताया कि साकिर नामक व्यक्ति ने उन्हें एक प्लॉट बेचने का सौदा किया था, जबकि वह भूमि किसी अन्य व्यक्ति की थी।
आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह वास्तविक मालिक से बैनामा करवा देगा। शुरुआत में आरोपी ने 16 अप्रैल 2019 को एक लाख रुपये का चेक दिया और शेष राशि बाद में देने की बात कही। इसके बाद उसने किस्तों में 1.52 लाख और 53 हजार रुपये प्राप्त कर कुल 3.05 लाख रुपये ले लिए, लेकिन जमीन का बैनामा कराने में टालमटोल करता रहा। लगातार दबाव डालने पर आरोपी ने भुगतान के लिए 3.05 लाख रुपये का चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया।
पीड़ित ने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजे, लेकिन उसने भुगतान नहीं किया। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा। दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जुर्माना राशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। यह फैसला चेक बाउंस जैसे मामलों में न्यायालय की सख्ती और वित्तीय लेनदेन में जिम्मेदारी की आवश्यकता को दर्शाता है।





