
ऋषिकेश में दोस्तों के बीच हुई नाराजगी को दूर करने के लिए किए गए एक मजाक ने पुलिस कार्रवाई का रूप ले लिया। युवकों ने अपने दोस्त की तस्वीर वाले गुमशुदगी के पोस्टर शहरभर में चिपका दिए और उसे खोजकर लाने वाले के लिए सिगरेट का इनाम घोषित कर दिया। पोस्टर वायरल होने पर परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित युवकों को चेतावनी देकर चालानी कार्रवाई की।
- दोस्त को मनाने का अनोखा तरीका बना मुसीबत, पुलिस ने किया चालान
- गुमशुदगी के पोस्टर और सिगरेट का इनाम, युवकों का मजाक पड़ा महंगा
- सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्टर, परिजनों की शिकायत के बाद कार्रवाई
- कट्टी से शुरू हुआ विवाद थाने तक पहुंचा, पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
ऋषिकेश | ऋषिकेश में दोस्तों के बीच हुई नाराजगी को खत्म करने के लिए अपनाया गया एक अनोखा तरीका युवकों पर भारी पड़ गया। कई दिनों से बातचीत बंद होने के कारण दोस्तों ने अपने मित्र को मनाने के उद्देश्य से उसकी गुमशुदगी के पोस्टर शहरभर में चस्पा कर दिए। हालांकि यह मजाक जल्द ही विवाद का कारण बन गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया। घटना ने तब तूल पकड़ा जब युवक की तस्वीर वाले पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। पोस्टरों में युवक को “गुमशुदा” बताया गया था और उसे खोजकर लाने वाले के लिए सिगरेट की एक डिब्बी इनाम के रूप में घोषित की गई थी। इस हरकत को लेकर युवक और उसके परिजनों ने नाराजगी जताई और पुलिस से शिकायत की।
जानकारी के अनुसार रेलवे रोड क्षेत्र का रहने वाला एक युवक निजी संस्था में कार्यरत है। कुछ समय पहले उसकी अपने तीन करीबी दोस्तों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। विवाद के बाद उसने दोस्तों से बातचीत बंद कर दी और उनसे दूरी बना ली। कई दिनों तक संपर्क न होने पर दोस्तों ने उसे मनाने के लिए एक अलग तरीका अपनाने का फैसला किया। उन्होंने युवक की तस्वीर के साथ गुमशुदगी के पोस्टर तैयार कराए और उन्हें शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर लगा दिया। युवकों ने पोस्टर अंतरराज्यीय बस अड्डा परिसर, आशुतोष नगर और अन्य प्रमुख स्थानों की दीवारों पर चस्पा किए। पोस्टरों में युवक की तस्वीर के साथ उसे लापता बताया गया था। इतना ही नहीं, पोस्टर में उसे ढूंढकर लाने वाले के लिए सिगरेट की डिब्बी इनाम के रूप में देने की बात भी लिखी गई थी।
पोस्टर लगाने के बाद युवकों ने उसका वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर दिया। देखते ही देखते वीडियो स्थानीय स्तर पर वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच गया। वायरल वीडियो और पोस्टरों की जानकारी जब संबंधित युवक और उसके परिवार को मिली तो वे नाराज हो गए। परिवार का कहना था कि बिना अनुमति किसी की तस्वीर का इस प्रकार सार्वजनिक उपयोग करना और उसे गुमशुदा बताना अनुचित है। इसके बाद परिजनों ने ऋषिकेश कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पोस्टर लगाने वाले युवकों की पहचान की और उनमें से एक को पूछताछ के लिए बुलाया।
पुलिस पूछताछ के दौरान युवकों ने बताया कि उनका उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। उनका कहना था कि उनका मित्र उनसे कई दिनों से बात नहीं कर रहा था और वे उसे मनाने के लिए मजाकिया अंदाज में यह कदम उठा बैठे। युवकों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पोस्टर बनवाए, उन्हें विभिन्न स्थानों पर लगाया और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। हालांकि उनका दावा था कि यह केवल दोस्ती में किया गया मजाक था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट के अनुसार मामले में सभी संबंधित युवकों को बुलाकर समझाइश दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की तस्वीर का इस प्रकार उपयोग करना और उसे गुमशुदा बताकर सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाना गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है, जिससे अनावश्यक भ्रम और परेशानी पैदा हो सकती है।
पुलिस ने युवकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए उन्हें भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न करने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करते समय लोगों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए, ताकि मजाक किसी विवाद या कानूनी परेशानी का कारण न बने।





