
इस निर्णय का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को अवसर देना है जिनके बोर्ड परीक्षा परिणामों में संशोधन, पुनर्मूल्यांकन या अन्य कारणों से अंक बढ़ने की संभावना है। ऐसे छात्र फिलहाल अपनी पसंदीदा शाखाओं और संस्थानों के लिए चॉइस फिलिंग कर सकेंगे तथा सीट आवंटन प्रक्रिया में भी शामिल रहेंगे।
- कम अंकों के बावजूद काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे अभ्यर्थी
- आईआईटी ने पात्रता शर्तों पर छात्रों को दी अस्थायी राहत
- सीट आवंटन होगा, लेकिन प्रवेश के लिए पूरी करनी होगी पात्रता
- संशोधित स्कोर कार्ड नहीं दिया तो रद्द हो सकता है प्रवेश
रुड़की/देहरादून। आईआईटी में प्रवेश का सपना देख रहे हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। कक्षा 12वीं में निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों को भी इस वर्ष आईआईटी काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने और अपनी पसंद के संस्थान एवं ब्रांच का चयन करने का अवसर दिया गया है। हालांकि यह छूट केवल काउंसलिंग प्रक्रिया तक सीमित रहेगी और अंतिम प्रवेश के लिए निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा। आईआईटी प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के ऐसे अभ्यर्थी जिनके कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से कम अंक हैं, तथा अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और दिव्यांग वर्ग के ऐसे छात्र जिनके अंक 65 प्रतिशत से कम हैं, वे भी अपनी जेईई एडवांस्ड रैंक के आधार पर काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
इस निर्णय का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को अवसर देना है जिनके बोर्ड परीक्षा परिणामों में संशोधन, पुनर्मूल्यांकन या अन्य कारणों से अंक बढ़ने की संभावना है। ऐसे छात्र फिलहाल अपनी पसंदीदा शाखाओं और संस्थानों के लिए चॉइस फिलिंग कर सकेंगे तथा सीट आवंटन प्रक्रिया में भी शामिल रहेंगे। हालांकि आईआईटी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अस्थायी व्यवस्था है। अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित न्यूनतम पात्रता पूरी करने वाला संशोधित स्कोर कार्ड 15 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। इसके लिए विद्यार्थियों को अपना अपडेटेड स्कोर कार्ड ईमेल के माध्यम से orgjee@iitr.ac.in पर भेजना होगा।
अधिकारियों के अनुसार सीटों का आवंटन अभ्यर्थियों की जेईई एडवांस्ड रैंक के आधार पर सामान्य प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। लेकिन सीट मिलने के बाद भी प्रवेश तभी मान्य होगा जब छात्र निर्धारित समय सीमा के भीतर संशोधित अंकपत्र प्रस्तुत कर पात्रता शर्तें पूरी कर देगा। आईआईटी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि संशोधित स्कोर कार्ड प्राप्त होने के बाद चौथे राउंड तक आवंटित सीट पर अभ्यर्थी का प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। यदि कोई छात्र निर्धारित समय सीमा तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करता है या न्यूनतम पात्रता मानकों को पूरा नहीं कर पाता है, तो उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण राहत है जो पुनर्मूल्यांकन, कम्पार्टमेंट परीक्षा या संशोधित परिणाम के जरिए आवश्यक अंकों तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। इससे ऐसे अभ्यर्थियों को काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर नहीं होना पड़ेगा और वे अपनी रैंक के आधार पर बेहतर संस्थान व शाखा चुनने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे। गौरतलब है कि हाल ही में आईआईटी ने जेईई प्रवेश के लिए 75 प्रतिशत पात्रता नियम में किसी प्रकार की स्थायी छूट देने से इनकार किया था। ऐसे में वर्तमान व्यवस्था केवल उन विद्यार्थियों को समय देने के उद्देश्य से लागू की गई है जो निर्धारित समयावधि के भीतर पात्रता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं।
आईआईटी की इस व्यवस्था से हजारों अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन उन्हें समय रहते संशोधित स्कोर कार्ड जमा कर अपनी पात्रता सुनिश्चित करनी होगी, तभी आईआईटी में प्रवेश का उनका सपना साकार हो सकेगा।





