
हरिद्वार से श्रावण मास की कांवड़ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। हर की पैड़ी और गंगा घाटों पर लाखों शिवभक्तों ने गंगाजल भरकर अपने-अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान किया, जबकि पूरे मेला क्षेत्र में 6000 जवानों की तैनाती, ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी के बीच सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
- हर की पैड़ी पर उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, शुरू हुई कांवड़ यात्रा
- गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर रवाना हुए कांवड़िए, हरिद्वार में कड़ी सुरक्षा
- श्रावण की आस्था यात्रा का शुभारंभ, हरिद्वार में हर-हर महादेव के जयघोष
- कांवड़ मेले में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
हरिद्वार। श्रावण मास के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा का गुरुवार से विधिवत शुभारंभ हो गया। धर्मनगरी हरिद्वार सुबह से ही भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आई। हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड और गंगा के प्रमुख घाटों पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कंधों पर सजी रंग-बिरंगी कांवड़, हाथों में पवित्र गंगाजल और चारों ओर गूंजते “हर-हर महादेव” तथा “बम-बम भोले” के जयघोष ने पूरे शहर को शिवमय बना दिया।
गंगा स्नान और जल भरने के बाद लाखों शिवभक्त अपने-अपने राज्यों और शहरों के शिवालयों की ओर रवाना हो गए। श्रद्धालुओं का मानना है कि हरिद्वार से लाया गया गंगाजल भगवान शिव को अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और श्रावण मास में इसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। अब आगामी कई दिनों तक हरिद्वार से देश के विभिन्न हिस्सों की ओर आस्था की यह विशाल यात्रा निरंतर जारी रहेगी।
प्रशासन के अनुसार कांवड़ यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात की व्यापक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल भरकर लौट रहे थे, लेकिन आधिकारिक रूप से यात्रा का शुभारंभ गुरुवार से माना गया है।
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। कांवड़ पटरी मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, हर की पैड़ी, प्रमुख घाटों, मंदिरों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, पीएसी तथा अर्द्धसैनिक बलों सहित करीब 6000 जवान तैनात किए गए हैं। यात्रा मार्गों पर लगातार पुलिस गश्त की व्यवस्था की गई है, जबकि ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और आधुनिक कंट्रोल रूम के माध्यम से हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
यातायात व्यवस्था को भी विशेष रूप से पुनर्गठित किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे और स्थानीय लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने, सुरक्षा निर्देशों का अनुपालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और हेल्पलाइन की सहायता लेने की अपील की है।
श्रावण मास की इस महायात्रा के साथ हरिद्वार एक बार फिर देशभर की आस्था का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में शिवभक्ति, धार्मिक उत्साह और विशाल जनसमूह के बीच कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है।





