
यह लेख गुनगुन रानी (अनिका भट्ट) के जन्मदिन पर लिखा गया एक भावनात्मक शुभकामना संदेश है, जिसमें दादा और पोती के एक ही दिन जन्म लेने के अद्भुत संयोग का उल्लेख किया गया है। लेख में गुनगुन के उज्ज्वल भविष्य, शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा और सामाजिक योगदान को लेकर अनेक शुभकामनाएं व्यक्त की गई हैं। साथ ही परिवार की पत्रकारिता परंपरा, दादा-पिता के आशीर्वाद और बिटिया के जीवन में सफलता की मंगलकामना की गई है।
- 8 जून का अनोखा संयोग: जब दादा और पोती का जन्मदिन बना एक साथ उत्सव
- गुनगुन रानी के तीसरे जन्मदिवस पर एक कलमकार की भावनात्मक शुभकामनाएं
- पत्रकार परिवार की नई पीढ़ी: गुनगुन के उज्ज्वल भविष्य की कामना
- दादा की विरासत, पिता का आशीर्वाद और बिटिया के सपनों की उड़ान
सुनील कुमार माथुर
दुनिया में अभी तक सात अजूबों के बारे में ही सुना एवं पढ़ा था, लेकिन 8 जून 2023 का वह दिन भी देखा जब पत्रकार स्व. चन्द्रशेखर भट्ट का जन्मदिन मनाया जा रहा था। तभी खबर मिली कि उनकी पुत्रवधू ने एक कन्या गुनगुन (अनिका भट्ट) को जन्म दिया। जहां चन्द्रशेखर भट्ट दादा बने, वहीं दूसरी ओर उनका पुत्र पत्रकार राजशेखर भट्ट पिता बने। यह एक अनोखा व अनूठा संयोग ही कहा जा सकता है कि दादा व पोती का जन्मदिन अब एक साथ मनाया जाने लगा है। अगर इसे कोई दैवीय शक्ति का चमत्कार कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
वैसे भी कहा जाता है कि जब-जब इस धरती पर पाप बढ़े, तब-तब किसी अवतार ने जन्म लेकर उस पाप का खात्मा किया। गुनगुन रानी, तुम बहुत ही भाग्यशाली हो कि तुम पर मां सरस्वती व दादाजी पत्रकार स्व. चन्द्रशेखर भट्ट एवं पिता पत्रकार राजशेखर भट्ट का आशीर्वाद बना हुआ है। आपके दादाजी व पिताजी दोनों ही कलम के धनी हैं व विद्या की देवी मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त है। दादाजी व पिताजी की सजग लेखनी का जादू तुम पर हर समय छाया रहेगा।
दादा व पोती का जन्मदिन एक साथ आना कोई मामूली सी बात नहीं है। जब तुम्हारा जन्म हुआ था, तब ढेरों खुशियां मनाई गई थीं। जब तुम घर के आंगन में ठुमक-ठुमक कर चलने लगी थीं, तब तुम्हारे पैरों में घुंघरू वाली पायल पहनाई गई थी ताकि तुम कब, कहां हो, इसका अंदाजा आसानी से पायल के घुंघरू से लग जाता था। आज तुम जीवन के तीन वर्ष पूरे कर चौथे वर्ष में प्रवेश कर गई हो। अब स्कूल की राह पकड़ ली होगी। अनेक नए-नए दोस्त बने होंगे। पढ़ाई के वक्त पढ़ाई व खेल के वक्त खेलना। मां के कामकाज में सदा हाथ बंटाना। यही जिंदगी है।
हमें तुमसे अनेक आशाएं हैं
गुनगुन रानी (अनिका भट्ट), तुम्हारे माता-पिता और इस कलमकार को तुमसे अनेक आशाएं और उम्मीदें हैं। तुम भले ही आज छोटी हो, मगर हमारी आशाओं की सूची बड़ी ही लंबी है। जीवन में दिन-रात कठिन परिश्रम कर तुम घर-परिवार, समाज और राष्ट्र में शिक्षा का अलख जगाओगी। अपनी ठनठनी लेखनी के जरिए समाज में उच्च व गौरवशाली पद प्राप्त कर पाओगी। अज्ञानता का अंधकार दूर कर तुम राष्ट्र का मान बढ़ाओगी। मां के संग रसोईघर में रहकर तुम घर को स्वादिष्ट व्यंजनों की महक से महकाओगी। अपने हुनर का जलवा तुम दिखाओगी। ऐसी हमें तुमसे आशा है।
तुम अपनी प्रतिभा से देश व विदेश में अपना डंका बजाओगी एवं मां की लाडली बिटिया कहलाओगी। जीवन-पथ पर अनेक कठिनाइयों के बावजूद भी तुम अपनी नई राह खुद खोज पाओगी। आदर्श जीवन कैसे जिएं, यह तुम सबको समझा पाओगी। किसमें कितना दम है, यह संदेश जन-जन को दे पाओगी। हर सपने और संकल्प पर सदैव खरी उतर पाओगी।
गुनगुन रानी, तुम सोना नहीं हीरा हो
घर-परिवार, समाज और राष्ट्र को तुम नई दशा व दिशा दे पाओगी। अपनी हर कल्पना को तुम साकार करना। सादा जीवन और उच्च विचारों के जरिए समाज में नई चेतना जागृत कर पाओगी। गुनगुन रानी, हमें तुम पर गर्व है। अनेक आशाएं और उम्मीदें हैं। कहते हैं कि पीतल को चमकाने से वह सोना नहीं बन जाता है, लेकिन बिटिया रानी, तुम सोना नहीं, हीरा हो। अपने मम्मी-पापा के जिगर का टुकड़ा हो। तुम्हारा मुस्कुराता चेहरा, हंसी में चमकते नन्हे-नन्हे दांत—तुम उम्र में भले ही छोटी हो, पर दिल से इतनी बड़ी हो कि हर पल खुशियां बिखेर देती हो।
तुम्हारा जोश, तुम्हारी मस्ती भरी शरारतें हमें भी जीने की ताकत देती हैं। तुम्हारा हर खेल, हर छोटी चीज से तुम अपना जादू बिखेर देती हो। हर पल को प्यार से भरते रहना। हर हंसी-खुशी को संभाल कर रखना। तुम अपने हुनर, प्रतिभा, कराटे, सजगता और सतर्कता के जरिए नारी शक्ति के जीवन की रक्षा कर पाओगी व राष्ट्र-विरोधी ताकतों व गतिविधियों का खात्मा कर पाओगी। तुम्हारे जन्मदिन पर इस कलमकार की ओर से बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं।
सुनील कुमार माथुर
सदस्य, अणुव्रत लेखक मंच एवं स्वतंत्र लेखक व पत्रकार
33, वर्धमान नगर, शोभावतों की ढाणी, खेमे का कुआं, पाल रोड, जोधपुर, राजस्थान








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