राजीव डोगरा मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं तेरी अनकही बातों में, मैं आज भी तुमको ढूंढता...
साहित्य लहर
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा सौ बीघा जमीन के मालिक रामनाथ की जिंदगी बड़ी रूखी -सूखी सी गुजर...
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा काले -काले बादल, दूर देश से आते हैं । पानी खूब बरसाते हैं...
डॉ एम डी सिंह धर्म मरा है मुकम्मल ईमान मरा है. यह मत कहना बेबस इंसान मरा...
डॉ एम डी सिंह चली हवा पछुआ पुरवाई फिर मौसम ने ली अंगड़ाई उठ धरती दूब से...
डॉ एम डी सिंह जब सारे संदर्भ नए हों यक्ष गीत गंधर्व नए हों यथार्थ व आशंकाओं...
कविता नन्दिनी जीवन की यह राह कठिन है संभल-संभल कर, चलना है सुख-दुःख हैं ,जीवन के साथी...
सुनील कुमार उम्मीद छोड़ चुके लोगों में भी उम्मीद की किरण जगाते हैं अपनों से भी ज्यादा...
सिद्धार्थ गोरखपुरी किसी से बात कहनी हो किसी की बात सुननी हो मानवता और मुझमें से अगर...
अजय एहसास हो जाती है शादी जबरन दिल का द्वार नहीं खुलता इस दुनिया में कभी किसी...













