नवाब मंजूर वही बैण्ड.. वही बाराती! वही घोड़े.. वही हाथी! वही गाड़ी.. वही सवारी! कितने खुशनसीब हैं?...
साहित्य लहर
कविता नन्दिनी मुहब्बत से जन-जन गले से मिलेंगे चलें राह बापू की हम भी चलेंगे सिखाए जो...
जामिनी संधू दसवीं कक्षा की छात्रा राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक, गाहलिया, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) आज दशहरे की...
नाम पायल दसवीं कक्षा की छात्रा राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक, गाहलिया, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) विजय सत्य की...
नवाब मंजूर वही जो बात बात में हंसाता था दुखी मन को भी कर देता था प्रसन्नचित...
राजीव कुमार झा इस मंदिर के पिछवाड़े किसने फेंका इतने सारे उदास गंदे मटमैले सड़ते गेंदे के...
राजेश ध्यानी उस चांद का करु क्या जिसे कभी देखा नहीं उस सूरज का करु क्या जिसे...
सुनील कुमार माथुर हे चावंडा माता ! मदद कीजिये ! मदद कीजिये इस देश की जनता की...
नवाब मंजूर ना हम तुम्हें ना तुम हमें जानते हो। ना तुम हमें ना हम तुम्हें पहचानते...
सिद्धार्थ पाण्डेय ख्वाहिश नहीं के मुझे कीमती असासा समझो मुक़म्मल भले न समझो मगर जरा सा समझो...














