
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए क्रीड़ा समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में वार्षिक खेल गतिविधियों, खेल सामग्री, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल मैदान के रखरखाव सहित वार्षिक खेल बजट को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया।
- मालदेवता महाविद्यालय में खेल गतिविधियों की तैयारियां तेज
- शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए खेल बजट पर लगी मुहर
- खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर क्रीड़ा समिति की सहमति
- मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने पर महाविद्यालय का जोर
देहरादून | राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर), देहरादून में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए खेल गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने एवं वार्षिक क्रीड़ा बजट के निर्धारण के उद्देश्य से क्रीड़ा समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद प्रकाश अग्रवाल ने की। बैठक में आगामी शैक्षिक सत्र के दौरान आयोजित होने वाली वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं, अंतर-संकाय एवं अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताओं, खिलाड़ियों के अभ्यास एवं प्रशिक्षण, खेल सामग्री की खरीद, खेल मैदान के रखरखाव तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे वे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
क्रीड़ा समिति के प्रभारी डॉ. सुमन सिंह गुसाईं ने आगामी शैक्षिक सत्र के लिए महाविद्यालय के वार्षिक खेल बजट का प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इसे स्वीकृति प्रदान की। साथ ही खेल गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को समय पर उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। बैठक में क्रीड़ा समिति के सलाहकार प्रो. यतीश वशिष्ठ, समिति सदस्य डॉ. डिंपल भट्ट, डॉ. सत्येंद्र दढ़ियाल, डॉ. नवीन रावत तथा डॉ. विनोद शाह उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने खेल बजट का समर्थन करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, खेल प्रतिभाओं के संरक्षण तथा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
बैठक को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. विनोद प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि खेल महाविद्यालय की पहचान हैं और पिछले वर्षों में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाना ही महाविद्यालय का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल बजट का उद्देश्य केवल वित्तीय व्यय करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य में निवेश करना है। बेहतर खेल सुविधाओं, आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधनों के माध्यम से महाविद्यालय में एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें और राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर महाविद्यालय का नाम रोशन करें।
बैठक के अंत में प्राचार्य ने सभी सदस्यों के सुझावों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया तथा खेल गतिविधियों के सफल संचालन के लिए सामूहिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। इसके बाद उन्होंने बैठक की समाप्ति की घोषणा की।





