
चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में दिव्यांगों व 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए बीकेटीसी ने अलग दर्शन व्यवस्था तैयार की है। नई एसओपी के तहत सुबह और शाम निर्धारित समय में विशेष दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं को आधार कार्ड या दिव्यांगता प्रमाणपत्र के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
- बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा विशेष समय
- बीकेटीसी की नई पहल, लाइन में नहीं लगेंगे दिव्यांग श्रद्धालु
- 70 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए अलग दर्शन स्लॉट तय
- चारधाम यात्रा में सुगम दर्शन को लेकर बीकेटीसी ने बनाई एसओपी
चमोली: चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने दिव्यांगों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत देने वाली नई व्यवस्था तैयार की है। अब बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में दिव्यांग तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। बीकेटीसी ने इनके लिए अलग से दर्शन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए मानव प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार कर ली गई है।
चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु धामों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को लंबी लाइन और कठिन मौसम के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें निर्धारित समय पर सुगमता से दर्शन कराने की व्यवस्था की जाएगी। बीकेटीसी अधिकारियों के अनुसार, सुबह और शाम आधा-आधा घंटे का विशेष स्लॉट बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत दर्शन से पहले श्रद्धालुओं को मंदिर समिति के काउंटर पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
70 वर्ष या उससे अधिक आयु के श्रद्धालुओं को पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाना होगा, जबकि दिव्यांग श्रद्धालुओं को दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना पड़ेगा। पंजीकरण के बाद उन्हें निर्धारित समय में प्राथमिकता के आधार पर दर्शन कराए जाएंगे।बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि चारधाम यात्रा में हर आयु वर्ग के श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को धामों में दर्शन के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समिति ने अलग दर्शन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था जल्द ही दोनों धामों में प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
चारधाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। अब तक चारों धामों में 13.32 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ धाम में 5.50 लाख, बदरीनाथ में 3.44 लाख, गंगोत्री में 2.18 लाख और यमुनोत्री में 2.20 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। प्रतिदिन औसतन 70 से 80 हजार श्रद्धालु चारधामों में दर्शन कर रहे हैं। बीकेटीसी की यह पहल न केवल दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए राहत भरी साबित होगी, बल्कि चारधाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





