
उत्तराखंड में कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा 6 मई से पांच दिवसीय गढ़वाल दौरे पर रहेंगी, जहां वह विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन और चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगी। इस दौरान श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी में कार्यक्रम तय हैं। दौरे के दौरान धार्मिक स्थलों पर दर्शन के साथ संगठन को मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा।
- 5 दिन गढ़वाल में रहेंगी सैलजा, कांग्रेस संगठन को देंगी धार
- चुनावी तैयारियों में जुटी कांग्रेस, सैलजा करेंगी जिलों में मंथन
- ऋषिकेश से बदरीनाथ तक सैलजा का दौरा, कार्यकर्ताओं से संवाद
- गढ़वाल में कांग्रेस का मंथन, सैलजा संभालेंगी संगठन की कमान
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा 6 मई से गढ़वाल मंडल के पांच दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरे के दौरान वह विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक ढांचे और आगामी चुनावी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करेंगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, सैलजा 6 मई को ऋषिकेश पहुंचेंगी, जहां से उनका दौरा शुरू होगा। 7 मई को श्रीनगर में पौड़ी जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक मजबूती और जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति को लेकर मंथन होगा।
दौरे के दूसरे चरण में 8 मई को सैलजा केदारनाथ धाम में दर्शन-पूजन करेंगी। इसके बाद अगस्त्यमुनि में रुद्रप्रयाग जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर राजनीतिक रणनीति और चुनावी तैयारियों पर चर्चा करेंगी। 9 मई को वह गोपेश्वर के बिरही क्षेत्र में चमोली जिले के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी और इसके बाद बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होंगी।
10 मई को बदरीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सैलजा श्रीनगर लौटेंगी। दौरे के अंतिम दिन 11 मई को चंबा (टिहरी) में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके बाद वह नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।
इस दौरे को कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश कर रही है। हाल के समय में संगठनात्मक सुस्ती और टीम गठन में देरी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सैलजा का यह दौरा पार्टी के लिए दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गढ़वाल क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाकर कांग्रेस अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में यह दौरा न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आगामी चुनावों के लिहाज से भी पार्टी के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकता है।





