
देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत महाविद्यालय में एकदिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को स्वरोजगार और स्टार्टअप के प्रति जागरूक किया गया। भारतीय औद्योगिक संस्थान अहमदाबाद से आईं विशेषज्ञ सपना नेगी ने उद्यमिता के अवसरों और चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में आत्मनिर्भरता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
- छात्रों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करता ओरिएंटेशन कार्यक्रम
- उद्यमिता के गुर सीखने का मिला मौका, विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
- देवभूमि योजना के तहत युवाओं में स्टार्टअप की जागरूकता
- महाविद्यालय में नवाचार और रोजगार सृजन पर विशेष कार्यशाला
देहरादून। महाविद्यालय में दिनांक 25 अप्रैल 2026 को देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एकदिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ नोडल अधिकारी प्रो. ज्योति खरे द्वारा प्राचार्य की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर भारतीय औद्योगिक संस्थान अहमदाबाद से आईं प्रोजेक्ट ऑफिसर एवं मुख्य वक्ता सपना नेगी का स्वागत किया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। मुख्य वक्ता सपना नेगी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में उद्यमिता युवाओं के लिए एक मजबूत करियर विकल्प बनकर उभर रही है, जो न केवल आत्मनिर्भरता प्रदान करती है बल्कि रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के व्यावसायिक कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
नोडल अधिकारी प्रो. ज्योति खरे ने अपने वक्तव्य में कहा कि देवभूमि उद्यमिता योजना विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ-साथ उनके विचारों को सफल व्यवसाय में बदलने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने महाविद्यालय के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान छात्रों को आत्मनिर्भर और नवाचार के प्रति प्रेरित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. यतीश वशिष्ठ ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नई दिशा देते हैं और उन्हें रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजन की ओर भी प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. धर्मेन्द्र राठौर, डॉ. वाई.सी. नैनीताल, डॉ. राम चंद्र सिंह नेगी एवं डॉ. डी.सी. बेबनी सहित अन्य प्राध्यापकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही महाविद्यालय के कई शिक्षक और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समापन पर डॉ. धर्मेन्द्र राठौर ने अतिथि वक्ता एवं सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ, जिसने उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।








