
डोईवाला में डॉ. इंद्रेश कुमार पांडेय को साईं सृजन पटल द्वारा ‘लेखक श्री सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और पर्यावरण व स्थानीय विषयों पर लेखन के लिए जाने जाते हैं। उनके लेखों ने उत्तराखंड की जैव विविधता और परंपरागत ज्ञान को व्यापक पहचान दिलाई है।
- वनस्पतिशास्त्री इंद्रेश पांडेय को लेखन के लिए मिला सम्मान
- साईं सृजन पटल ने किया पर्यावरण लेखक का अभिनंदन
- उत्तराखंड के प्रकृति विषयों पर लेखन के लिए डॉ. पांडेय सम्मानित
- कर्णप्रयाग कॉलेज के प्रोफेसर को ‘लेखक श्री’ अवॉर्ड
डोईवाला | डोईवाला में आयोजित एक सम्मान समारोह में वनस्पतिशास्त्री एवं लेखक डॉ. इंद्रेश कुमार पांडेय को उनके उत्कृष्ट लेखन योगदान के लिए ‘लेखक श्री सम्मान’ से नवाजा गया। यह सम्मान साईं सृजन पटल द्वारा उनके पर्यावरण, वन संपदा और स्थानीय उत्पादों पर किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन साईं सृजन पटल के कार्यालय में किया गया, जहां संस्थापक प्रो. के. एल. तलवाड़ ने डॉ. पांडेय को सम्मान चिन्ह एवं पत्रिकाओं का सेट भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कई साहित्यकारों और सहयोगियों ने भी उनकी उपलब्धियों की सराहना की। डॉ. इंद्रेश कुमार पांडेय वर्तमान में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग के वनस्पति विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। मूल रूप से प्रयागराज के निवासी डॉ. पांडेय ने उत्तराखंड की जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित लेखन के माध्यम से एक अलग पहचान बनाई है।
उनके लेख ‘साईं सृजन पटल’ मासिक पत्रिका के विभिन्न अंकों में प्रकाशित होते रहे हैं, जिनमें मिलेट्स, चीड़, बुरांश, ईको-टूरिज्म, वनाग्नि, बुग्याल, खस, हिमालय दिवस और जीआई टैग जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इन लेखों के माध्यम से उन्होंने न केवल पाठकों को जागरूक किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के महत्व को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। डॉ. पांडेय का आगामी लेख ‘लेंटाना’ विषय पर केंद्रित है, जो एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक मुद्दे को उजागर करेगा।
उनके लेखन की खासियत यह है कि वह वैज्ञानिक तथ्यों को सरल भाषा में प्रस्तुत कर आमजन तक पहुंचाते हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. पांडेय ने साईं सृजन पटल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच कम समय में ही उत्तराखंड में लेखन और सृजन का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। कार्यक्रम में उप संपादक अंकित तिवारी, सह संपादक अमन तलवाड़, लेखिका नीलम तलवाड़ और इंसाइडी क्रिएटिव मीडिया के सीईओ अक्षत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने डॉ. पांडेय को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सम्मान न केवल डॉ. पांडेय की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखंड के पर्यावरणीय और सांस्कृतिक विषयों पर हो रहे गंभीर लेखन को भी प्रोत्साहन देने वाला कदम है।







