
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नई एसओपी जारी की है, जिसमें पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। सत्यापन के बाद ही श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए टोकन मिलेगा और तय तारीख पर ही प्रवेश दिया जाएगा। स्वास्थ्य जांच, मौसम जानकारी और अधिकृत सेवाओं के उपयोग को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
- चारधाम यात्रा 2026: सरकार ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
- अब बिना पंजीकरण नहीं होंगे दर्शन, क्यूआर कोड से होगी जांच
- श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा गाइडलाइन जारी
- सात दिन का यात्रा प्लान बनाएं, तभी करें चारधाम यात्रा
देहरादून: Char Dham Yatra 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य यात्रा को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचा जा सके।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया पर्यटक सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसमें आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य रहेगा। श्रद्धालु ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल एप या भौतिक काउंटरों के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण पूर्ण होने के बाद यात्रियों को एक मैसेज प्राप्त होगा, जिसमें क्यूआर कोड और एक यूनिक आईडी होगी। इस क्यूआर कोड को धामों में अधिकृत ‘यात्री मित्र’ द्वारा स्कैन किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना को रोका जा सके।
एसओपी के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि श्रद्धालुओं को केवल उसी तिथि पर धाम में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिस दिन के लिए उन्होंने पंजीकरण कराया है। दर्शन के लिए टोकन भी पंजीकरण दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद ही जारी किया जाएगा। इसके लिए बड़कोट, हिना, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट जैसे प्रमुख पड़ावों पर सत्यापन केंद्र बनाए गए हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यात्रा से पहले मेडिकल जांच कराने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन, कम वायुदाब और अत्यधिक ठंड जैसी परिस्थितियां स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। इसलिए यात्रियों को कम से कम सात दिन का यात्रा प्लान बनाने, गर्म कपड़े, रेनकोट और आवश्यक दवाइयां साथ रखने की हिदायत दी गई है।
इसके अलावा, यात्रियों को यातायात पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों का पालन करने और केवल अधिकृत परिवहन सेवाओं का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा की स्थिति में त्वरित जानकारी के लिए Sachet App डाउनलोड करने की सलाह दी गई है, जिससे मौसम और आपदा से संबंधित अलर्ट समय पर मिल सकें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी साइबर अपराध की सूचना राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है, जबकि यात्रा से जुड़ी सहायता के लिए कंट्रोल रूम और टोल फ्री नंबर भी जारी किए गए हैं। कुल मिलाकर, इस बार की चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, तकनीकी रूप से सक्षम और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।





