
गणपत लाल उदय को मातृभाषा सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा रत्न मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से साहित्यिक जगत में खुशी का माहौल है और उन्हें व्यापक बधाइयाँ मिल रही हैं।
- मातृभाषा सेवा के लिए सैनिक कवि का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान
- अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर गणपत लाल उदय सम्मानित
- साहित्य और मातृभाषा सेवा में सैनिक कवि की उपलब्धि
- अजमेर के सैनिक कवि को नेपाल की संस्था का सम्मान
अजमेर | नेपाल की सुविख्यात साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन, नेपाल की ओर से अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फ़रवरी के अवसर पर बहुमुखी प्रतिभा के धनी कवि, कवयित्रियों, लेखक, लेखिकाओं, पत्रकारों, साहित्यकारों और शिक्षकों को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया है।
जिसमें गांव अरांई, जिला अजमेर, राजस्थान (भारत) के सैनिक कवि से अपनी पहचान बनाने वाले गणपत लाल उदय को मातृभाषा सेवा के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों का मूल्यांकन कर अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा रत्न मानद उपाधि सम्मान से विभूषित किया गया है। संस्था की ओर से अध्यक्ष आनंद गिरी मायलु और चयन समिति प्रमुख मंजू खरे, दतिया ने उदय को डिजिटल प्रमाण पत्र दिया है।
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सैनिक कवि उदय वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनकी कविताएँ समाज को सकारात्मक दिशा और प्रेरक संदेश देती हैं। सैनिक कवि गणपत लाल उदय के इस सम्मान की सूचना मिलते ही साहित्यिक जगत में हर्षोल्लास का वातावरण है। इनके शुभचिंतकों, सैन्य सहपाठियों एवं साहित्यप्रेमियों ने इन्हें बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
News Source : सैनिक की कलम, गणपत लाल उदय, अजमेर (राजस्थान)








