
खाली समय का सही उपयोग व्यक्ति की प्रतिभा को निखार सकता है। जोधपुर के इंजीनियर अंशुल माथुर और एलीशा ने क्ले से आकर्षक खिलौने बनाकर अपनी कला को पहचान दी। यह उदाहरण बताता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से खाली समय को सार्थक बनाया जा सकता है।
- खाली समय को बनाएं सफलता का आधार
- क्ले कला से प्रतिभा को नई उड़ान
- समय का सदुपयोग ही असली हुनर
- रचनात्मकता से मिली नई पहचान
जोधपुर। कहते हैं कि खाली समय काटे नहीं कटता है, लेकिन आप में तनिक कुछ नया करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो अपनी प्रतिभा व हुनर को जन-जन तक पहुंचाकर, जहां अपनी प्रतिभा का सर्वत्र डंका बजा सकते हैं, वहीं दूसरी ओर अपने खाली समय का सदुपयोग भी कर सकते हैं। बस जरूरत है आपकी कला को आगे बढ़ाने की।
इंजीनियर अंशुल माथुर और एलीशा ने क्ले के माध्यम से छोटे-छोटे आकर्षक खिलौने बनाए हैं। उन्होंने मनचाहा आकार देकर छोटे-छोटे डायनासोर भी बनाए हैं। उनका कहना है कि समय बड़ा ही बलवान है। जो समय का सदुपयोग करना जानता है, उनके लिए खाली समय का बड़ा ही महत्व है।








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