
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनवरी 2026 माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया। 9.47 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹141.66 करोड़ की राशि DBT के जरिये ट्रांसफर की गई। सरकार ने पात्रता परीक्षण और सत्यापन को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं।
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पारदर्शिता और तकनीक आधारित शासन का मॉडल
- दो माह में 15,784 नए लाभार्थी पेंशन योजनाओं से जुड़े
- अपात्र 1,523 नाम हटाकर पेंशन प्रणाली को किया गया शुद्ध
- अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता: सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत जनवरी 2026 माह की पेंशन किस्त का वन-क्लिक प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भुगतान किया। यह पहल राज्य सरकार की पारदर्शी, तकनीक आधारित और संवेदनशील शासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत करती है।
मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पात्रता परीक्षण, सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ तथा त्वरित बनाया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धों, विधवाओं, दिव्यांगों, किसानों, निराश्रितों और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और वन-क्लिक भुगतान प्रणाली से न केवल भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है, बल्कि लाभार्थियों को बिना किसी कार्यालयी प्रक्रिया के सीधे उनके खातों में सहायता राशि प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जनवरी 2026 माह में 9,47,345 पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिया गया। इस दौरान ₹141 करोड़ 66 लाख 51 हजार की धनराशि DBT के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई, जिसमें नियमित पेंशन के साथ एरियर भुगतान भी शामिल रहा।
इस अवधि में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत सर्वाधिक लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के माध्यम से भी हजारों नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का संबल मिला। राज्य सरकार की प्रभावी निगरानी और डिजिटल पेंशन पोर्टल के चलते 01 दिसंबर 2025 से 03 फरवरी 2026 के बीच 15,784 नए लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया।
वहीं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 1,523 अपात्र नामों को पोर्टल से हटाया गया। डिजिटल प्रणाली के सकारात्मक परिणामस्वरूप अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के बीच 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही 428 पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति दी गई, जिससे पात्रता निर्धारण प्रक्रिया और अधिक सरल एवं मानवीय बनी है।






