
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रदेश के 25 नए उत्पादों को जीआई टैग के लिए चिह्नित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कृषि, बागवानी, पशुपालन, पर्यटन और उद्योग से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में रोजगार, स्वरोजगार और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।
- उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त उन्नति पोर्टल पर होंगे अपलोड
- सेब, कीवी और शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश
- मोटा अनाज नीति के तहत तय लक्ष्य से अधिक खरीद
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से 9 हजार लोगों को लाभ का लक्ष्य
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि, पशुपालन, पर्यटन और उद्योग क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश के 25 नए उत्पादों को जीआई टैग के लिए चिह्नित किया गया है, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त को उन्नति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए, ताकि योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित हो सके। बैठक में सेब की अतिसघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और किसानों को अधिक प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के देयकों का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए और उनके उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए कीवी उत्पादन को तेजी से बढ़ावा दिया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। ‘हनी मिशन’ के तहत शहद उत्पादन को और प्रभावी बनाने, इसके ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन और विपणन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही बागवानी और मौन पालन के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले राज्यों के अध्ययन के लिए अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम भेजने की बात कही गई। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अब तक 29 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जिनमें से 18 कृषि एवं कृषि कल्याण से जुड़े हैं। वहीं, 134 करोड़ रुपये की लागत से लागू राज्य मोटा अनाज नीति के तहत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी और चीना को शामिल किया गया है।
इस योजना के तहत तय लक्ष्य से अधिक मोटे अनाज की खरीद हो चुकी है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत आगामी वर्ष में 9,000 लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय सचिव उपस्थित रहे। अंत में बताया गया कि पहाड़ी आलू, नींबू, कौसानी की चाय, ज्योलिकोट का शहद, अल्मोड़ा की सिंगोडी मिठाई, काफल, हर्षिल की राजमा सहित कुल 25 उत्पादों को जीआई टैग के लिए चिह्नित किया गया है, जिससे स्थानीय किसानों और कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।







