
रुद्रपुर में उत्तराखण्ड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने जिला स्तर पर संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति के लिए आवंटित बजट का उपयोग केवल पात्र वर्ग और बाहुल्य क्षेत्रों में ही हो। बैठक में जनप्रतिनिधियों की समस्याएँ सुनी गईं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जागरूकता तथा त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।
- एससी बजट का दुरुपयोग नहीं होगा, केवल पात्र लाभार्थियों तक पहुँचेगा पैसा
- जनप्रतिनिधियों ने आयोग अध्यक्ष के सामने रखीं अपने क्षेत्रों की समस्याएँ
- अत्याचार अधिनियम मामलों में त्वरित पंजीकरण और भुगतान के निर्देश
- शिक्षा का अधिकार और सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार पर जोर
रूद्रपुर। उत्तराखण्ड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अनुसूचित जाति समुदाय के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर गंभीरता से मंथन किया। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े पंचायत प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों, पार्षदों, ब्लॉक प्रमुखों और ग्राम पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याएँ आयोग अध्यक्ष के समक्ष रखीं। जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं के लाभ समय पर न मिलने, जानकारी के अभाव और क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया। इसके बाद संबंधित विभागों ने अपनी-अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
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आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग केवल अनुसूचित जाति के लोगों और अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में ही किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में इस बजट को अन्य वर्गों या क्षेत्रों में खर्च न किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि योजनाओं के मूल उद्देश्य से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल के अंतर्गत लगने वाले शिविरों में अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं की जानकारी देने और उन्हें लाभान्वित करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण स्तर के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे और कोई भी पात्र नागरिक वंचित न रहे।
आयोग अध्यक्ष ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि योजनाओं से संबंधित बुकलेट, पम्पलेट और अन्य प्रचार सामग्री जनप्रतिनिधियों तक पहुँचाई जाए, ताकि वे अपने क्षेत्रों में लोगों को सही जानकारी देकर अधिक से अधिक लाभ दिला सकें। इसके साथ ही उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की अद्यतन स्थिति और मुआवजा भुगतान की जानकारी पुलिस तथा समाज कल्याण विभाग से प्राप्त की।
पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि अनुसूचित जाति से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं शिक्षा विभाग को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में बच्चों के प्रवेश के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा का पूरा लाभ मिल सके।
बैठक के अंत में आयोग अध्यक्ष ने अनुसूचित जाति कल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को मतदान की शपथ भी दिलाई।
बैठक में जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध, सहायक नगर आयुक्त राजू नबियाल, सहायक मत्स्य अधिकारी संजय कुमार छिमवाल, जिला युवा कल्याण अधिकारी बी.एस. रावत, जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, अधिशासी अभियंता सिंचाई बी.एस. डांगी, लघु सिंचाई अधिकारी सुशील कुमार, ब्लॉक प्रमुख काशीपुर चंद्र प्रभा, जिला पंचायत सदस्य सूरज नारायण, सांसद प्रतिनिधि विजय कुमार, यशपाल राजहंस, राजेश कोली सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।





