
राजीव कुमार झा
मोती माणिक के हार
पहनती
सूरज के सातों रंगों से
सजी रहो
ओ किरण वसंती!
आओ धरती पर
रोज सवेरे
सपनों का संसार
सुंदरी
तुम्हारी देहयष्टि को
निहारकर
फागुन मत्त हुआ जाता
Government Advertisement...
यह कैसा
विकल भाव जागता
सपनों की रानी सी
तुम वैभव में
झूम रही
किसी युवा के पास
सयानी सी
कंचुकी में सजे हुए
लोल गोल उरोज
अरी सुंदरी
यह कैसी सुंदर नाभि
ग्रीवा स्तन
चौड़ा कटिबंध
सरोज
तुम आओ अब
झूम रहा फागुन
गलियों में
चांद को अपलक
देख रहा चकोर
झमाझम बारिश के
बाद
मस्त गगन में
अब धूप निकल
आई
सबसे सुंदर रजाई
जाड़े में जयपुर से
तुमने
मंगवाई
आज सजाओगी
अपने सुहाग की
सेज
जोगिड़ा सारारार
होली है
चोली नथिया बाली
झूमका
अंगिया साया
साड़ी और ब्लाऊज़
गोरी
साजन लेकर आया
राजद्वारे.
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”]
👉 देवभूमि समाचार के साथ सोशल मीडिया से जुड़े…
WhatsApp Group ::::
https://chat.whatsapp.com/La4ouNI66Gr0xicK6lsWWO
FacebookPage ::::
https://www.facebook.com/devbhoomisamacharofficialpage/
Linkedin ::::
https://www.linkedin.com/in/devbhoomisamachar/
Twitter ::::
https://twitter.com/devsamachar
YouTube ::::
https://www.youtube.com/channel/UCBtXbMgqdFOSQHizncrB87A
[/box]
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »राजीव कुमार झाकवि एवं लेखकAddress »इंदुपुर, पोस्ट बड़हिया, जिला लखीसराय (बिहार) | Mob : 6206756085Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
|---|







