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नारी शक्ति किसी से कम नहीं… आत्मा रक्षा के लिए हमे़ स्वयं को सशक्त व जागरूक बनना पडेगा। वही पुरूषों को अपनी घटिया मानसिकता को त्याग कर सकारात्मक सोच को अपनाना होगा। जीवन ऐसा जीओं जहां चरित्र पर किसी भी प्रकार का दाग न हो। भारतीय नारी देवी स्वरूपा हैं इसलिए वह अपनी शक्ति को पहचानें और दुराचारियों को सबक सिखायें। #सुनील कुमार माथुर, जोधपुर, राजस्थान
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नारी को शास्त्रों में देवी तुल्य बताया गया हैं जब यह बात किसी के मुख से सुनते हैं या पत्र पत्रिकाओं में पढते हैं तो बहुत ही अच्छा लगता हैं। चूंकि वह जगत जननी है। हमारा पालन-पोषण कर हमें देश का आदर्श नागरिक बनाने मे़ अपनी अहम भूमिका अदा कर रही है। वहीं दूसरी ओर आये दिन नारी के साथ होनै वालें अपराध चिंता का विषय है। समाचार पढते ही सिर शर्म से झुक जाता हैं। आखिर आज के इंसान का इतना नैतिक पतन कैसे हो रहा हैं। यह चिंता की बात है।
नारी शक्ति किसी से कम नहीं है। उसे घर गृहस्थी व नौकरी के साथ ही साथ अपनी सुरक्षा की ओर भी ध्यान रखना होगा जो नितान्त आवश्यक है जिस देश में नारी को वंदनीय और पूज्यनीय कहा जाता है उसी देश में उस पर अत्याचार हो रहे हैं। नारी का अपहरण, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और उसके बाद उसे मारकर फैंक देने के समाचार समाचार पत्रों की सुर्खियां बन रहे हैं। लेकिन बलात्कारियों को फांसी की सजा नहीं दी जा रही है यह कैसी विडम्बना है।
नारी भोग विलास की वस्तु नहीं है। वह आपकी ही मां, बहन, बेटी, पत्नी, साली, पडौसन व स्कूली छात्रा में से एक हैं। जरा पुरूष वर्ग अपनी मानसिकता को बदल कर देखे। नकारात्मक सोच का त्याग कर सकारात्मक सोचें। नारी स्वयं सजग और जागरूक बनें और उन पर जुल्म करने वालों को ऐसा सबक सिखाये कि कभी भी कोई दरिन्दा नारी पर जुल्म तो क्या करें उसकी ओर बुरी नजर उठाकर भी न देख सकें।
आत्मा रक्षा के लिए हमे़ स्वयं को सशक्त व जागरूक बनना पडेगा। वही पुरूषों को अपनी घटिया मानसिकता को त्याग कर सकारात्मक सोच को अपनाना होगा। जीवन ऐसा जीओं जहां चरित्र पर किसी भी प्रकार का दाग न हो। भारतीय नारी देवी स्वरूपा हैं इसलिए वह अपनी शक्ति को पहचानें और दुराचारियों को सबक सिखायें। महिलाओं को अपने अधिकारों की लड़ाई खुद लडनी होगी। अपने लिए रास्ते खुद तलाशने होंगे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्हें रूढ़िवादिता के बंधनों को खोल कर चुप्पी को तोड़ना होगा।
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