- जेनी के आरोपों पर भाजपा का कांग्रेस से सवाल, हरक को पद से हटाने की मांग
- महेंद्र भट्ट ने राहुल-प्रियंका और गोदियाल से मांगा जवाब
- जेनी प्रकरण पर उत्तराखंड में सियासत तेज, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा
- महिला न्याय के मुद्दे पर भाजपा का कांग्रेस नेतृत्व पर हमला
देहरादून। उत्तराखंड के जेनी प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। जेनी की ओर से सामने आकर हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म के आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला न्याय की बात करने वाली पार्टी को अपने ही नेता पर लगे गंभीर आरोपों का जवाब देना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सार्वजनिक मंचों पर महिला सम्मान, अधिकार और न्याय की बात करती है। प्रियंका गांधी का नारा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ भी पार्टी की ओर से दिया गया है, लेकिन जब सवाल अपने ही वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत पर उठते हैं तो नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
हरक की जिम्मेदारी पर कांग्रेस से मांगा जवाब
महेंद्र भट्ट ने कहा कि हरक सिंह रावत कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि इतने गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद उन्हें चुनाव प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल से सवाल किया कि क्या वह हरक सिंह रावत से सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण मांगेंगे? क्या निष्पक्ष जांच होने तक उन्हें इस जिम्मेदारी से हटाने और संगठनात्मक स्तर पर उचित कार्रवाई करने पर विचार किया जाएगा? भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि महिला न्याय के मामले में उसका पैमाना सभी के लिए समान है या पार्टी के नेताओं के लिए अलग है।
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध: दीप्ति रावत
भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में नैतिकता शेष है तो उसे अपने वरिष्ठ नेता पर लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए उचित कदम उठाने चाहिए। दीप्ति रावत ने कहा कि भाजपा का पहले से स्पष्ट रुख रहा है कि वास्तविक पीड़िता का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि जेनी को न्याय मिले। यदि पीड़िता सरकार से सहयोग की अपेक्षा करती हैं तो सरकार की ओर से मदद की जाएगी। उन्होंने कांग्रेस के चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर हरक सिंह रावत की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए।
रुचि भट्ट ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने भी जेनी के आरोपों को गंभीर और पीड़ादायक बताया। उन्होंने कांग्रेस पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। रुचि भट्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार पर सवाल उठाती रही है, लेकिन अब जेनी के आरोपों पर उसे अपने वरिष्ठ नेता के संबंध में भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता के प्रभाव और राजनीतिक संरक्षण के कारण जेनी की शिकायत को दबाया गया।
साथ ही उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड और जेनी प्रकरण को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। जेनी प्रकरण में भाजपा नेताओं के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
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