
उत्तराखंड में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 19 लाख घरों तक पहुंचकर लगभग 86 लाख लोगों का डाटा एकत्र किया जा चुका है। महा रजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त ने जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शेष कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
- उत्तराखंड में जनगणना अभियान ने पकड़ी रफ्तार
- 24 मई तक शत-प्रतिशत जनगणना लक्ष्य का दावा
- 19 लाख घरों तक पहुंची जनगणना टीम
- आंकड़ों की गुणवत्ता पर महा रजिस्ट्रार का विशेष जोर
देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे राष्ट्रीय जनगणना अभियान के तहत मकानों के सूचीकरण और आवास जनगणना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में अब तक लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। जनगणना विभाग के अनुसार प्रदेशभर में तैनात टीमों ने अब तक करीब 19 लाख घरों तक पहुंचकर आंकड़े एकत्र किए हैं, जिससे लगभग 86 लाख लोगों को कवर किया जा चुका है। निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दस दिनों में शेष कार्य भी पूर्ण कर लिया जाएगा।
इस संबंध में भारत के महा रजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों से जनगणना कार्य की प्रगति पर फीडबैक लिया गया। बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि पर्वतीय जिलों में जनगणना कार्य संतोषजनक गति से चल रहा है। विशेष रूप से चंपावत जिले में कार्य की प्रगति को बेहतर बताया गया। वहीं देहरादून जिले में कुछ क्षेत्रों में कार्य शुरू न होने के मुद्दे पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि अब सभी क्षेत्रों में जनगणना कार्य प्रारंभ हो चुका है।
देहरादून नगर निगम की आयुक्त नमामि बंसल ने बैठक में बताया कि कई क्षेत्रों में डाटा संग्रहण का कार्य पूरा कर लिया गया है, हालांकि उसकी डिजिटल फीडिंग अभी जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार से पोर्टल पर सभी क्षेत्रों का कार्य अपडेट दिखाई देने लगेगा। इसके अलावा आशीष कुमार भटगई और आकांक्षा कोंडे ने भी अपने-अपने जिलों में जनगणना कार्य की स्थिति और प्रगति की जानकारी साझा की। बैठक के दौरान महा रजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना कार्य केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं की बुनियाद है।
उन्होंने कहा कि परिसीमन, जनकल्याणकारी योजनाओं और संसाधनों के वितरण जैसे महत्वपूर्ण निर्णय जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होते हैं। ऐसे में आंकड़ों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डाटा संग्रहण के साथ-साथ उसकी गहन जांच और सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड निर्धारित समय सीमा के भीतर शेष एक-तिहाई कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा कर लेगा।
प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का अभियान है, जिसका देश की प्रगति और विकास से सीधा संबंध है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों से इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने का आह्वान किया। बैठक में जनगणना कार्य के सचिव दीपक कुमार, निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव सुरेश जोशी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।








