जैनोली के तुषार मेहरा बने आईएएस, क्षेत्र में खुशी की लहर

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भुवन बिष्ट

रानीखेत। सच्ची लगन व दृढ़ निश्चय हो तो किसी भी सफलता को प्राप्त किया जा सकता है यह सब कर दिखाया विकासखण्ड ताड़ीखेत के जैनोली गाँव निवासी तुषार मेहरा ने। कुशाग्र बुद्धि के धनी तुषार मेहरा ने अपने प्रथम प्रयास में ही यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की है। आल इंडिया रैंक में उन्हें 306 वीं रैंक प्राप्त हुई है। महज तेईस वर्ष की उम्र में ही तुषार मेहरा ने यह सफलता प्राप्त की है। जैनोली निवासी अवकाश प्राप्त प्रवक्ता गोविंद सिंह मेहरा व शोभा मेहरा के छोटे पुत्र तुषार मेहरा ने आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की।

इसके बाद उनका चयन आईआईटी के लिए हुआ। उन्होंने रुड़की स्थित आईआईटी से इंजीनियरिंग करने के बाद दिल्ली से आईएएस परीक्षा की तैयारी की। अपनी एकाग्रता लगन परिश्रम से पहले ही प्रयास में उन्होंने आईएएस की परीक्षा पास कर ली है। यूपीएससी द्वारा संचालित इस परीक्षा में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 306 वी रैंक हासिल की है। तुषार की इस सफलता के बाद तमाम लोग परिजनों को बधाइयां दे रहे हैं।

तुषार के पिता सेवानिवृत्ति प्रवक्ता गोविंद सिंह मेहरा ने कहा कि तुषार का सपना आईएएस बनने का था। इसी कारण उसने आईआईटी के पश्चात अच्छे पैकेज के अवसर मिलने के बावजूद आईएएस की तैयारी की।तुषार के आईएएस बनने पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। तुषार मेहरा के पिता उत्तराखंड शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त प्रवक्ता तथा माता शोभा मेहरा गृहणी हैं। उनकी बड़ी बहन चेतना मेहरा नेट जेआरएफ करने के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय से गणित में पीएचडी कर रही है, जबकि उनके बड़े भाई हर्षित मेहरा एलएलबी तथा पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हैं।

तुषार ने अपनी सफलता का श्रेय बड़ी बहन चेतना मेहरा, माता पिता, गुरूजनों को दिया है। क्षेत्र के लोगों ने उनकी इस सफलता के लिए उन्हें बधाई दी है। तुषार मेहरा के चाचा पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा सामाजिक कार्यकर्ता पूरन सिंह मेहरा ने बताया कि तुषार बचपन से ही मेधावी रहे हैं। उनकी इस सफलता ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। तुषार मेहरा के आईएएस बनने से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।

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