खौफनाक है दुमका की इस ‘अंकिता’ की कहानी

इस समाचार को सुनें...

नई दिल्ली। झारखंड का चर्चित अंकिता हत्याकांड अभी तक लोग भूले भी नहीं कि ऐसा ही एक मामला फिर से दुमका में सामने आया है. कहानी वही एक तरफ प्यार की है. लेकिन इस बार आरोपी एक शादीशुदा शख्स है. जिसने बड़ी ही बेरहमी के साथ एक लड़की को पेट्रोल डालकर जला दिया. इस हमले में वो लड़की इस कदर जल गई कि कुछ घंटों बाद ही उसकी मौत हो गई. ये मामला बिल्कुल दुमका की अंकिता जैसा ही है और ऐसा ही कुछ हुआ था उत्तराखंड की अंकिता के साथ. आइए आपको बताते हैं इस खौफनाक वारदात की पूरी दास्तान.

ये दिल दहला देने वाली वारदात दुमका के जरमुंडी थाना क्षेत्र की है. जहां गुरुवार की रात भरतपुर टोला गांव में रहने वाले लोग नींद की आगोश में समा चुके थे. उस वक्त रात के 11 बजे से ज्यादा का समय था. तभी एक घर के दरवाजे पर दस्तक हुई. ये घर था मारुति नाम की लड़की के नाना-नानी का. मारुति ने जैसे ही दरवाजा खोला, राजेश राउत नाम के एक शख्स ने उस पर पेट्रोल उलट दिया. इससे पहले कि वो कुछ समझ पाती या संभल पाती, उस शख्स ने मारुति को आग के हवाले कर दिया और वहां से फरार हो गया. पेट्रोल ने तेजी से आग पकड़ ली. मारुति आग की लपटों में घिर गई. वो मदद के लिए चीखने-चिल्लाने लगी. चीख पुकार सुनकर उसकी नानी जग गई और उसे बचाने की कोशिश करने लगी. मगर तब तक आग ने मारुति को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया.

उसकी बुजुर्ग नानी भी इस आग की चपेट में आ गई. दोनों की चीखें सुनकर गांव के लोग भी मौके पर आ पहुंचे और किसी तरह से आग को बुझाया. उसी वक्त गांववाले उन दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया. पुलिस को भी सूचना दी गई. पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर मारुति से बात की और उसके बयान दर्ज किए. पीड़िता मारुति ने बयान में पुलिस को बताया कि उसने राजेश राउत को शादी ने इनकार कर दिया था. बस इसी बात से नाराज होकर उस शख्स ने पेट्रोल डालकर उसे जला दिया. वहां मारुति की नाजुक हालत और बिगड़ रही थी, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रांची के रिम्स में रेफर कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक मारुति 90 फीसदी तक जल चुकी है. उसका इलाज जारी था. लेकिन कुछ घंटों बाद वो जिंदगी की जंग हार गई.

19 वर्षीय मारुति अपने माता-पिता की इकलौती संतान है. उसके माता-पिता जामा थाना क्षेत्र के भैरवपुर गांव में रहते हैं. उनकी माली हालत ठीक नहीं है. गरीबी में बामुश्किल उनका गुजारा होता है. इसी वजह से मारुति अपने नाना-नानी और मामा के साथ भरतपुर टोला गांव में रहती है. वो रानी सोनावती हाई स्कूल से पढ़ाई कर रही थी. हाल ही में मारुति ने इंटर की परीक्षा में स्कूल टॉप किया था. इसके बाद नाना-नानी और मामा उसे आगे की पढ़ाई के लिए दुमका नहीं भेजना चाहते थे. लेकिन मारुति आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती थी. उसकी पढ़ने की ललक को देखकर उसके मामा ने उसका एडमिशन दुमका एन कॉलेज में फर्स्ट ईयर में करवा दिया था. अब वो वहीं पढ़ रही थी. इसके अलावा मारुति जरमुंडी के कौशल विकास केंद्र से सिलाई कढ़ाई भी सीख रही थी. इसी दौरान घरवालों ने उसकी शादी का इरादा कर लिया और उसका रिश्ता तय कर दिया. कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी.

मारुति की मौसी रामगढ़ प्रखंड के महेशपुर गांव में रहती है. मारुति अक्सर अपनी मौसी के घर जाया करती थी. साल 2019 में वहीं मारुति की मुलाकात राजेश राउत नाम के शख्स से हुई थी. 30 वर्षीय राजेश राउत मिस्त्री का काम करता है. लेकिन इसी बीच फरवरी में राजेश राउत की शादी किसी और के साथ हो गई लेकिन वह मारुति को छोड़ना नहीं चाहता था.


पहले ही मारुति को दी थी जलाने की धमकी

शादीशुदा होने के बावजूद राजेश लगातार मारुति पर उसके साथ शादी करने का दबाव बना रहा था. लेकिन वो उसे अनदेखा करने लगी. राजेश की शादी हो जाने के बाद से ही मारुति ने उससे दूरी बना ली थी. वारदात से 5 दिन पहले राजेश अपने एक दोस्त के साथ जरमुंडी के कौशल विकास केंद्र पहुंचा था. वहां जाकर उसने मारुति और उसकी सहेली लक्ष्मी को धमकी दी थी कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी तो दोनों को जिंदा जलाकर मार देगा. जिस तरह दुमका में अंकिता को जिंदा जलाकर मार डाला गया था. राजेश राउत का मारुति से कहना था, ”मैं तुमसे भी शादी करूंगा और अगर तुम शादी नहीं करोगी तो तुम्हें दुमका में हुए पेट्रोल कांड की तरह जला कर मार डालूंगा.” उसकी धमकी से वे दोनों काफी डर गई थी.

उस कौशल विकास केंद्र पर करीब डेढ़ सौ महिलाएं सिलाई कढ़ाई सीखती हैं. जब उन्हें मारुति को धमकी दिए जाने की बात पता चली तो वे सभी आक्रोशित होकर बाहर आ गई. उन महिलाओं को देखकर राजेश और उसका दोस्त मौके से फरार हो गए थे. हालांकि इस बात की शिकायत पुलिस थाने में नहीं की गई लेकिन 5 दिन के बाद आरोपी ने अपनी धमकी को हकीकत में बदल दिया और मारुति को जला डाला. अब रिम्स में उसका इलाज चल रहा था. लेकिन शुक्रवार को उसने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.




ऐसा ही हुआ था दुमका की अंकिता का हश्र

झारखंड के दुमका में ही करीब सवा महीने पहले 12वीं की छात्रा अंकिता के साथ भी ऐसा ही हुआ था. स्कूल के रास्ते में अंकिता की मुलाकात शाहरूख नाम के युवक से हुई थी. दोनों के बीच बातचीत होने लगी. एक दिन शाहरुख ने अंकिता को प्रपोज किया. मगर अंकिता ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया. ये बात शाहरुख को नागवार गुजरी. 23 अगस्त 2022 को सुबह चार बजे वो लड़का अंकिता के घर जा पहुंचा. जब अंकिता उसके सामने आई तो उसने उसे पेट्रोल से नहला दिया और फिर आग लगी दी. इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला. इस घटना में अंकिता बुरी तरह से झुलस चुकी थी.



जब अंकिता अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही थी तो पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए थे. मरने से पहले अंकिता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा था कि जैसे वह मर रही है, वैसे शाहरुख भी मरे. इस बीच अब सोशल मीडिया पर अंकिता और शाहरुख की कुछ नई तस्वीरें लगातार शेयर हो रही थीं और दावा किया जा रहा है कि अंकिता और शाहरुख के बीच में कभी अच्छी जान-पहचान थी. अंकिता के परिवार के सदस्य विकास कुमार ने माना था कि फोटो में दिख रहे लोग अंकिता और शाहरुख ही हैं.




उत्तराखंड की अंकिता को भी यूं देनी पड़ी जान

कुछ ऐसा ही मामला उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी का भी था. जिसे No कहना बहुत भारी पड़ गया और उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. असल में 19 साल की अंकिता बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य के रिजॉर्ट वनंतरा में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी. पुलिस ने बताया कि 18 सितंबर की शाम को पुलकित और अंकिता का रिजॉर्ट में झगड़ा हुआ था. इसके बाद पुलकित अपने दो स्टाफ के साथ अंकिता को लेकर ऋषिकेश चला गया. एक आरोपी सौरभ भास्कर ने बताया कि सभी लोग बैराज होते हुए एम्स के पास पहुंचे.



लौटते समय अंकिता और पुलकित एक स्कूटी पर थे. जबकि वो और अंकित साथ में आए थे. वे बैराज चौकी से करीब 1.5 किमी पहुंचे, तो पुलकित अंधेरे में रुक गया. वहीं रुककर तीनों ने शराब पी. इस दौरान अंकिता और पुलकित में फिर झगड़ा हो गया. एक आरोपी के मुताबिक अंकिता उन्हें अपने साथियों के बीच बदनाम करती थी. रिजॉर्ट की बातें अपने साथियों को बताती थी. दरअसल पुलकित अंकिता से जिस्मफरोशी कराना चाहता था. वो उसे रिजॉर्ट में आने वाले मेहमानों की ‘खास खातिरदारी’ के लिए मजबूर करता था. अंकिता इसका विरोध करती थी.



उस दिन अंकिता कहने लगी कि वह रिजॉर्ट की हकीकत सबको बता देगी. इसी बात से पुलकित ने आपा खो दिया. पहले उसने अंकिता का मोबाइल नहर में फेंक दिया और फिर अंकिता को भी बैराज में धक्का दे दिया. इसके बाद तीनों आरोपी वहां से निकल गए थे. बाद में पुलिस ने पुलकित समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में उत्तराखंड पुलिस की काफी किरकिरी हुई.

साभार: आज तक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Devbhoomi Samachar