
चमोली में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली गोपीनाथ मंदिर से रवाना होकर पनार बुग्याल पहुंच चुकी है और सोमवार दोपहर 12:45 बजे विधि-विधान के साथ कपाट खोले जाएंगे। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तों के जयघोष और धार्मिक उत्साह से गूंज उठा।
- चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे
- गोपीनाथ मंदिर से रवाना हुई रुद्रनाथ की डोली, पनार बुग्याल में रात्रि प्रवास
- विधि-विधान के साथ शुरू होगी रुद्रनाथ धाम की ग्रीष्मकालीन यात्रा
- फूलों से सजी देव डोली आज पहुंचेगी रुद्रनाथ मंदिर
गोपेश्वर: उत्तराखंड की पवित्र चारधाम एवं पंचकेदार यात्रा के अंतर्गत चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। धार्मिक परंपराओं और वैदिक विधि-विधान के साथ दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। रविवार को भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर से भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के बीच रवाना हुई। “बम-बम भोले” और “जय रुद्रनाथ” के जयघोषों के साथ डोली यात्रा मध्य हिमालय क्षेत्र की ओर अग्रसर हुई। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पूरे मार्ग में पुष्प वर्षा कर देव डोली का स्वागत किया।
रात्रि विश्राम के लिए डोली पनार बुग्याल पहुंची, जहां भक्तों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान की पूजा-अर्चना की। सोमवार सुबह डोली रुद्रनाथ धाम पहुंचेगी, जिसके बाद कपाट खोलने की अंतिम धार्मिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत रविवार तड़के से ही गोपीनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे और भक्ति भाव से पूजा में शामिल हुए।
इस वर्ष रुद्रनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी पुजारी हरीश भट्ट निभा रहे हैं। मंदिर समिति और प्रशासन ने कपाट खुलने को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। रुद्रनाथ धाम पंचकेदारों में चौथा केदार माना जाता है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है। समुद्र तल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह धाम प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।
हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर यहां भगवान शिव के रुद्र रूप के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कपाट खुलने के साथ ही रुद्रनाथ यात्रा भी औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। प्रशासन और मंदिर समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचेंगे।





